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hajipur news. सरकारी विद्यालयों में अब चेहरा पहचान कर टैब से बनेगी उपस्थिति

Updated at : 11 Dec 2025 10:23 PM (IST)
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hajipur news. सरकारी विद्यालयों में अब चेहरा पहचान कर टैब से बनेगी उपस्थिति

प्राथमिक व मध्य विद्यालयों को दो-दो और उच्च व उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को मिलेंगे तीन-तीन टैब

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हाजीपुर. जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अब छात्रों एवं शिक्षकों का चेहरा पहचान कर टैब से आन लाइन हाजिरी बनेगी. फोटो एवं फेशियल रिकग्निशन आधारित ऑनलाइन अटेंडेंस सिस्टम लागू होने जा रहा है. जिसका ऑपरेशन ई- शिक्षा कोष व बिहार अटेंडेंस एप के माध्यम से होगा. इसके लिये छात्रों एवं शिक्षकों का फेस रिकग्निशन की प्रक्रिया शुरु होने वाली है. अभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों का प्रशिक्षण चल रहा है.

ऐसे काम करेगा नया सिस्टम

प्रत्येक प्राथमिक व मध्य विद्यालय को दो‑ दो टैब और उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को तीन-तीन टैब दिये जा रहे हैं. इन टैब में ई- शिक्षाकोष, बिहार अटेंडेंस और मध्याह्न भोजन के ऐप पहले से इंस्टॉल रहेंगे और इन्हें छेड़ा नहीं जा सकेगा. इसके अलावा कोई दूसरा ऐप इस टैब में इंस्टाल नहीं होगा. हर टैब के लिये प्रधानाचार्यों के लिये दो सिम का प्रयोग अलाट कर दिया गया है. डाटा पर होने वाला खर्च समग्र विकास अनुदान या अन्य मद से होगा. विकास छात्रों की फेसियल रिकग्निशन फोटो के साथ रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जिले में शुुरु होने वाली है. इसके बाद सुबह प्रार्थना, कक्षा, मिड-डे मील और छुट्टी के समय टैब से फोटो लेकर उनकी उपस्थिति दर्ज की जायेगी, जबकि शिक्षकों की भी एंट्री अब इन्हीं टैब्स से होगी. मोबाइल से सेल्फ‑मार्किंग बंद हो जायेगी.

फर्जीवाड़ा रोकने को लेकर शुरू हुआ नया सिस्टम

इस नये तरीके से उपस्थिति दर्ज होने के बाद उपस्थिति सीधे ऐप के सर्वर पर जायेगी, जिससे फर्जी हाजिरी और मिड-डे मील में फर्जी उपस्थिति के आधार पर अधिक राशि निकासी जैसी गड़बड़ियों पर रोक लग सकती है. प्रखंड एवं जिला स्तर के अफसर रियल‑टाइम डैशबोर्ड पर देख सकेंगे कि किस स्कूल में कितने बच्चे और शिक्षक वास्तव में उपस्थित हैं, जिससे निरीक्षण और एक्शन दोनों आसान होंगे.

ये हो सकती हैं चुनौतियां

हर टैब के लिए स्कूलों को मिले टैब को इंटरनेट कनेक्टिविटी समस्या बन सकती है. कई शिक्षक मानते हैं कि शुरू के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क,और टेक्निकल ट्रेनिंग जैसी दिक्कतें रहेंगी, लेकिन दीर्घकाल में इससे अनुशासन, पारदर्शिता और सीखने का माहौल मजबूत होगा.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

इस संबंध में मुख्यालय का पत्र प्राप्त हुआ है. पत्र में मिले निर्देश के अनुसार प्रक्रिया शुरु हो गयी है. इस कार्य के लिये तय एजेंसी के द्वारा कार्य शुरु किया जाना है. ऐप पर छात्रों और शिक्षकों का रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया हो जाने पर आन लाइन उपस्थिति बननी शुरु हो जायेगी.

संतोष कुमार, डीपीओ, समग्र शिक्षा, वैशाली

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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Shashi Kant Kumar

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By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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