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छापेमारी में नर्सिंग होम में मिलीं अनियमितता, एक को किया गया सील

जिले में फर्जी और अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखायी है

हाजीपुर. जिले में फर्जी और अवैध नर्सिंग होम व क्लिनिकों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती दिखायी है. स्वास्थ्य विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से शहर में चल रहे अवैध और फर्जी तरीके से संचालित नर्सिंग होम एवं क्लिनिकों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है. शहर में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे नर्सिंग होम और खासकर अवैध गर्भपात और नवजात की मौतों से जुड़े मामलों को लेकर डीएम वर्षा सिंह के निर्देश पर गठित जांच टीम सिविल सर्जन डॉ श्याम नंदन प्रसाद के नेतृत्व में जांच कर रही है.

जांच के दौरान डॉक्टरों की डिग्री, निबंधन प्रमाण पत्र, स्टाफ से जुड़े दस्तावेज और बुनियादी स्वास्थ्य मानकों की पड़ताल की जांच की गयी. जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं देखने को मिलीं. कुछ क्लिनिकों में निर्धारित चार्ट के अनुसार चिकित्सक मौजूद नहीं पाये गये, जबकि कई नर्सिंग होम में बिना आवश्यक संसाधन, मानक उपकरण और व्यवस्था के ही सिजेरियन ऑपरेशन के मरीज भर्ती मिले. इस दौरान नगर थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड स्थित एक अवैध नर्सिंग होम को सील भी किया गया है.

17 नर्सिंग होम की हुई जांच

मालूम हो कि बीते सप्ताह नगर थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड और पोखर मुहल्ले के समीप दो नवजातों का शव कचरे के ढेर में फेंका हुआ पाया गया था. उक्त दोनों मामलों में नगर थाना में अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी. डीएम के निर्देश पर सिविल सर्जन एवं अनुमंडल पदाधिकारी हाजीपुर को ऐसे संस्थानों पर विशेष निगरानी रखने के लिए स्पष्ट निर्देश दिया था. जिसके बाद जिले में चल रहे फर्जी और अवैध नर्सिंग होम–क्लीनिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक जांच टीम का गठन किया गया था. पिछले तीन दिनों में हाजीपुर शहर के अगल-अगल जगहों पर चल रहे 17 नर्सिंग होम की जांच की गयी. जिनमें 15 अस्पतालों को विभिन्न अस्पतालों को विभिन्न कमियों एवं अनियमितताओं के आलोक में कारण बताओ नोटिस निर्गत किया गया.

नर्सिंग होम से मरीजों को सदर अस्पताल किया शिफ्ट

नगर थाना क्षेत्र के अस्पताल रोड में चल रहे एक फर्जी तरीके से संचालित नर्सिंग होम में पहुंच कर सघन जांच की. जांच के दौरान नर्सिंग होम में तीन गंभीर मरीज भर्ती थे. मगर मरीज को देखने वाला कोई डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की नहीं था. मरीज भगवान भरोसे वहा पर भर्ती थे. जिसके बाद सिविल सर्जन डॉ श्याम नंदन प्रसाद के निर्देश पर सदर अस्पताल से दो एबुलेंस बुलायी गयी. नर्सिंग होम में भर्ती तीनों मरीज को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया. बाद में सिविल सर्जन, नगर परिषद दंडाधिकारी की सूचना पर नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंच कर वैध नर्सिंग होम को किया गया सील किया गया. साथ ही अवैध नर्सिंग होम के संचालकों के खिलाफ नगर थाने में मामला दर्ज किया गया. लोगों ने बताया कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में अवैध नर्सिंग होम चल रही है. अवैध नर्सिंग होम संचालक बेहिचक अपना कारोबार चलाते रहे. यदि किसी मरीज के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो मामले को दबा दिया जाता है. या फिर जांच के नाम पर अधिकारियों के पास जाता है और कुछ दिनों बाद वही नर्सिंग होम किसी और नाम से अपना काम शुरू कर देता है. अवैध नर्सिंग होम संचालक इलाज के नाम पर मरीजों और उनके परिजनों से जमकर लूट खसोट करते हैं. कई बार शिकायतें सामने आती हैं, लेकिन अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मामलों को ठंडे बस्ते में डाल देते हैं. जिससे अवैध नर्सिंग होम संचालकों का मनोबल और बढ़ जाता है.

क्या कहते हैं पदाधिकारी

जिला प्रशासन के आदेश पर सभी निजी क्लीनिकों और नर्सिंग होम की जांच की जा रही है . जहां-जहां अनियमितताएं पायी गयी हैं. उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अवैध नर्सिंग होम मरीजों की जान के लिए बड़ा खतरा होते हैं. बिना प्रशिक्षित डॉक्टर, गलत इलाज और असुरक्षित प्रक्रियाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं. बिना निबंधन और मानकों के चल रहे किसी भी नर्सिंग होम या क्लीनिक को बख्शा नहीं जायेगा.

डॉ श्याम नंदन प्रसाद,

सिविल सर्जन, हाजीपुर

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