कंबोडिया साइबर फ्रॉड कनेक्शन में NIA की रेड, गोपालगंज के एजेंट के घर 5 घंटे छापेमारी, 10 जुलाई को पटना तलब

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साधु चौक के पास छापेमारी के बाद एजेंट प्रदीप सिंह के आवास पर पसरा सन्नाटा

Gopalganj NIA Raid: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने कंबोडिया में बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड कराने के मामले में गोपालगंज में बड़ी कार्रवाई की है. NIA की टीम ने ट्रैवल एजेंट प्रदीप सिंह के घर छापेमारी कर उनसे पूछताछ की है. एजेंट को 10 जुलाई को पटना तलब किया गया है.

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Gopalganj NIA Raid: बिहार के पश्चिमी चंपारण के एक युवक को कंबोडिया में बेहतर नौकरी का झांसा देकर बंधक बनाने और उससे जबरन साइबर फ्रॉड कराने के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गोपालगंज में बड़ी कार्रवाई की है. एनआईए की टीम ने नगर थाना पुलिस के सहयोग से साधु चौक स्थित विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंट प्रदीप सिंह के आवास पर करीब पांच घंटे तक सघन छापेमारी की.

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पासपोर्ट और वीजा की जांच

छापेमारी के दौरान टीम ने एजेंट के घर के कोने-कोने को घंटों खंगाला. एनआईए की विशेष टीम ने आरोपित एजेंट प्रदीप सिंह से विदेश भेजने की पूरी कानूनी प्रक्रिया, कंबोडिया भेजे गए युवकों के पासपोर्ट, वीजा, वित्तीय लेनदेन और इस रैकेट से जुड़े अन्य संबंधित पहलुओं पर विस्तार से पूछताछ की. हालांकि, अधिकारियों ने मौके से हुई किसी भी प्रकार की बरामदगी या मामले के अन्य संवेदनशील बिंदुओं पर अभी कोई आधिकारिक जानकारी मीडिया से साझा नहीं की है.

10 जुलाई को पटना किया तलब

घर की तलाशी और प्रारंभिक पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एनआईए ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए गोपालगंज निवासी एजेंट प्रदीप सिंह को एक नोटिस थमाया है. इस नोटिस के जरिए उन्हें आगामी 10 जुलाई को पटना स्थित एनआइए के मुख्य प्रांतीय कार्यालय में विस्तृत पूछताछ के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का कड़ा निर्देश दिया गया है. इस बड़ी कार्रवाई से पूरे रिहायशी इलाके में काफी देर तक प्रशासनिक हलचल मची रही.

कंबोडिया में बंधक बनाने का आरोप

इस पूरे अंतरराष्ट्रीय मामले का खुलासा तब हुआ जब बेतिया (पश्चिम चंपारण) निवासी पीड़ित सत्यनारायण ने एनआईए से लिखित शिकायत की. पीड़ित का आरोप है कि वर्ष 2024 में उसे मोटी सैलरी और अच्छी नौकरी का झांसा देकर कंबोडिया भेजा गया था, जहां पहुंचने पर चीनी मूल के अपराधियों द्वारा उसे बंधक बना लिया गया और उससे कथित तौर पर अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड का अवैध काम जबरन कराया जाने लगा.

शिकायत के बाद एजेंसी सक्रिय

सत्यनारायण किसी तरह अपराधियों के चंगुल से जान बचाकर निकल भागा और भारत लौट आया. उसने दिल्ली और बिहार में इस पूरे सुनियोजित मानव तस्करी मामले की लिखित शिकायत एनआइए के आला अधिकारियों से की. इस गंभीर और देश की सुरक्षा से जुड़े मामले की शिकायत के आधार पर केंद्रीय एजेंसी ने अपनी जांच तेज की है, जिसके तार अब सीधे तौर पर गोपालगंज के एजेंटों से जुड़ते दिख रहे हैं.

एजेंट ने आरोपों से किया इनकार

उधर, एनआईए की रडार पर आए एजेंट प्रदीप सिंह ने अपने ऊपर लगे इन सभी गंभीर आरोपों को पूरी तरह से सिरे से इनकार किया है. उनका आधिकारिक पक्ष है कि संबंधित पीड़ित युवक को उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से नहीं, बल्कि एक अन्य स्थानीय एजेंट मुन्ना सिंह ने कंबोडिया भेजा था. प्रदीप सिंह के अनुसार, जब वहां कंबोडिया में युवक से जबरन आपराधिक गतिविधियां कराए जाने की जानकारी मिली, तब उन्होंने मानवीय आधार पर उसे वापस भारत बुला लिया गया था.

पैसा वापस करने का दावा

प्रदीप सिंह ने यह भी दावा किया कि पीड़ित युवक के सकुशल भारत लौटने के बाद उससे संबंधित ली गई सभी रकम उसे पूरी तरह वापस कर दी गई थी. इसके बावजूद दुर्भावना के तहत उनके खिलाफ दोबारा यह शिकायत दर्ज कराई गई है. इधर, नगर थानाध्यक्ष अंकित कुमार ने बताया कि केंद्रीय एजेंसी द्वारा स्थानीय थाने को सूचित कर सहयोग मांगा गया था, जिसके बाद पुलिस बल मुहैया कराया गया. मामले में एनआईए की अग्रिम कानूनी कार्रवाई जारी है.

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