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Gopalganj News : दीपऊ-पकड़ी बांध पर गंडक नदी के कटाव को काबू में करने के लिए हाथी पांव से जंग जारी, विभाग अलर्ट

Updated at : 30 Jun 2025 9:55 PM (IST)
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Gopalganj News  : दीपऊ-पकड़ी बांध पर गंडक नदी के कटाव को काबू में करने के लिए हाथी पांव से जंग जारी, विभाग अलर्ट

Gopalganj News : गोपालगंज. नेपाल में हो रही बारिश से गंडक नदी का जल स्तर पिछले 24 घंटे में 58 क्यूसेक से बढ़कर सोमवार की शाम चार बजे 90 हजार पर पहुंच गया.

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गोपालगंज. नेपाल में हो रही बारिश से गंडक नदी का जल स्तर पिछले 24 घंटे में 58 क्यूसेक से बढ़कर सोमवार की शाम चार बजे 90 हजार पर पहुंच गया. नदी विशंभरपुर में खतरे के निशान से अभी 91 सेमी नीचे है. उधर, पुरवा हवा के बीच नदी के जल स्तर के घटने-बढ़ने से बैकुंठपुर के दीपऊ- पकड़ी बांध के पास गंडक नदी का कटाव का खतरा बरकरार है.

जल संसाधन विभाग के पास बांध को सुरक्षित बचा लेने की चुनौती

इंजीनियरों की टीम कटाव पर काबू पाने की दावा कर रही है, लेकिन यहां नदी दक्षिण की ओर शिफ्ट कर रही है. इससे बांध को सुरक्षित बचा लेने की चुनौती जल संसाधन विभाग के पास है. कटाव को देखते हुए आसपास के गांवों में लोग चिंतित हैं. उधर, कटाव की खबर मिलने के साथ ही जलसंसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार के जांच के बाद यहां इंजीनियरों की टीम कटाव स्थल पर कैंप कर रहे.

बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी

साथ ही पार्कुपाइन व बांस डालकर बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. इस बरसात में बांध को बचाने की बड़ी चुनौती है. जून में ही यहां कटाव तब शुरू हुआ है. नदी की कटावी धारा को पुरवा हवा और धार दे रही है. इससे तेजी से नदी बांध की ओर बढ़ती जा रही है. यहां बांध के करीब नदी के पहुंचने से उसके बेग को बांस, हाथी पांव डाल कर रोका जा रहा है. विभाग के एक्सपर्ट का मानना है कि अभी हाथी पांव से ही नदी के कटाव को रोका जा सकता है. कटाव को देखते हुए इलाके के लोग भी सहमे हुए हैं. आसपास के लोग भी बांध को बचाने में सहयोग के लिए आगे आ रहे हैं.

प्रशासन के अधिकारी भी अलर्ट मोड में आये

दीपऊ-पकड़ी कटाव होने से बांध पर कटाव को देखते हुए सदर एसडीओ अनिल कुमार भी हाइअलर्ट मोड में आ गये. बांध की स्थिति की जानकारी लेने के साथ ही बैकुंठपुर सीओ को स्थिति पर नजर रखने को कहा है. छरकी व बांध के बीच में करीब दीपऊं गांव के 12-15 घर प्रभावित होने की आशंका बन रही है. बांध अभी सुरक्षित है. खोरमपुर, पडडिया, फतेहपुर , महारानी, घोघराहां, बांसघाट मंसुरिया, मान टेंगराहीं, बसंत छपरा आदि गांव के लोग सहमे हुए हैं.

जल संसाधन विभाग का दावा

जिला प्रशासन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि बांध पूरी तरह से सुरक्षित है. डीपीआरओ डॉ शशि प्रकाश राय ने बताया कि बिहार सरकार का जल संसाधन विभाग संभावित बाढ़ के खतरों को ध्यान में रखते हुए राज्य के संवेदनशील इलाकों में निरंतर सतर्कता और पूर्व तैयारियों के साथ कार्य कर रहा है. इसी क्रम में गोपालगंज जिले के विभिन्न तटवर्ती क्षेत्रों में कुल तीन स्थलों पर कटावरोधी एवं तटबंध सुरक्षा कार्य सक्रिय रूप से संपन्न कराये गये हैं. इन कार्यों के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सीमा से सटे अहिरौलीदान से लेकर बेतिया-गोपालगंज पुल के राइट गाइड बांध तक निर्मित तटबंध पर कटाव रोधी कार्य सफलतापूर्वक कराया गया है. साथ ही गंडक नदी की एक शाखा के सामने सलेहपुर-टंडसपुर छरकी क्षेत्र में भी कटाव नियंत्रण के उपाय किये गये हैं. इसी श्रेणी में सारण तटबंध के मुंजा कॉर्नर से लेकर मटियारी रिंग बांध तक की सुरक्षा को और सुदृढ़ किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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GURUDUTT NATH

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By GURUDUTT NATH

GURUDUTT NATH is a contributor at Prabhat Khabar.

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