स्नातक नामांकन के लिए, JP University ने बढ़ाई आवेदन की अंतिम तिथि,इस दिन तक करें अप्लाई
Published by : Vivek Pandey Updated At : 10 Jun 2026 10:09 AM
Gopalganj News: गोपालगंज के इंटर पास छात्रों के लिए बड़ी राहत. जयप्रकाश विश्वविद्यालय ने चार वर्षीय स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि इस दिन तक बढ़ा दी है. जिले के विभिन्न कॉलेजों में 9,952 सीटों पर दाखिले का अवसर मिलेगा.
(गोपालगंज से विकास दुबे की रिपोर्ट)
Gopalganj News: इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर उच्च शिक्षा की ओर कदम बढ़ाने वाले जिले के छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर है. जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रहित में चार वर्षीय स्नातक सत्र 2026-30 में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी है. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून निर्धारित थी, लेकिन अब विद्यार्थी 17 जून तक समर्थ पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे. इसके साथ ही आवेदन के दौरान हुई त्रुटियों को सुधारने के लिए 16 और 17 जून को विशेष अवसर भी दिया गया है. विश्वविद्यालय के इस निर्णय से जिले के चार अंगीभूत, दो संबद्ध और नौ राजकीय डिग्री कॉलेजों में कुल 9,952 सीटों पर नामांकन लिया जाएगा. सीटों की यह संख्या जिले के अधिकांश इंटर पास विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. खासकर उन छात्रों को इसका लाभ मिलेगा, जो आर्थिक या पारिवारिक कारणों से दूसरे शहरों में जाकर पढ़ाई करने में सक्षम नहीं हैं.
प्रो. डॉ. राणा विक्रम सिंह ने बताया कि
जयप्रकाश विश्वविद्यालय के छात्र कल्याण अध्यक्ष प्रो. डॉ. राणा विक्रम सिंह द्वारा ने अधिसूचना जारी कर बताया कि विश्वविद्यालय क्षेत्र के सभी अंगीभूत एवं संबद्ध व राजकीय महाविद्यालयों में सीबीसीएस आधारित चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम में नामांकन के लिए आवेदन की अवधि बढ़ाई गई है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 जून के बाद7 आवेदन की तिथि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी. ऐसे में जिन विद्यार्थियों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए यह अंतिम अवसर माना जा रहा है.
जिले में ही मिलेगा उच्च शिक्षा का अवसर
गोपालगंज जिले में पिछले कुछ वर्षों के दौरान उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काफी विस्तार हुआ है. पहले बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को स्नातक में नामांकन के लिए छपरा, पटना, मुजफ्फरपुर या अन्य शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे विद्यार्थियों और अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता था. लेकिन अब जिले में चार अंगीभूत, दो संबद्ध और नौ राजकीय डिग्री कॉलेजों के संचालन से स्थिति काफी बदली है. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अपने जिले में ही स्नातक की पढ़ाई कर पा रहे है. इससे न केवल समय और पैसे की बचत हो रही है, बल्कि उच्च शिक्षा तक पहुंच भी आसान हुई है. जिले में सीटों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण इंटर पास विद्यार्थियों के सामने नामांकन का संकट काफी हद तक समाप्त हो गया है. इससे ड्रॉपआउट दर में भी कमी आने की उम्मीद.
21 विषयों में मिलेगा दाखिले का अवसर
स्नातक सत्र 2026-30 में जिले के अंगीभूत और संबद्ध कॉलेजों में विज्ञान, वाणिज्य, सामाजिक विज्ञान और ह्यूमैनिटी संकाय के कुल 21 विषयों में नामांकन लिया जा रहा है. विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और भविष्य की योजना के अनुसार विषय चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी. वहीं जिले के नौ राजकीय डिग्री कॉलेजों में फिलहाल इतिहास, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, हिंदी और अंग्रेजी विषयों में नामांकन होगा. हालांकि विषयों की संख्या सीमित है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए ये कॉलेज उच्च शिक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरे हैं. आज के समय में विद्यार्थियों के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं के अनेक विकल्प हैं. ऐसे में विषय चयन की व्यापक सुविधा उन्हें अपने करियर को बेहतर दिशा देने में मदद करेगी.
एक आवेदन में तीन विषय चुनने की सुविधा
विश्वविद्यालय ने नामांकन प्रक्रिया को पहले की तुलना में अधिक सरल और छात्र हितैषी बनाया है. समर्थ पोर्टल पर विद्यार्थी एक आवेदन शुल्क में अधिकतम तीन विषयों का चयन कर सकते हैं. पहले विषय के लिए शुल्क जमा करने के बाद उसी लॉगिन आइडी और पासवर्ड से दो अन्य विषयों का भी चयन किया जा सकता है. इसके लिए अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा. इसके अलावा प्रत्येक विषय के लिए अधिकतम पांच कॉलेजों का चयन करने की सुविधा भी दी गई है. इससे विद्यार्थियों के पास नामांकन के अधिक विकल्प उपलब्ध रहेंगे. यदि किसी कॉलेज में सीट नहीं मिलती है तो प्राथमिकता सूची के आधार पर दूसरे कॉलेज में चयन की संभावना बनी रहेगी.
ग्रामीण क्षेत्रों और छात्राओं को सबसे अधिक फायदा
जिले में स्थापित राजकीय डिग्री कॉलेजों का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को मिल रहा है. पहले गांवों के छात्रों को कॉलेज पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी. कई बार आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छात्र-छात्राएं स्नातक में नामांकन ही नहीं करा पाते थे. अब प्रखंड स्तर पर कॉलेज उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को घर के आसपास ही पढ़ाई का अवसर मिल रहा है. इसका सबसे अधिक लाभ छात्राओं को मिल रहा है. अभिभावकों का कहना है कि नजदीक में कॉलेज होने से बेटियों की पढ़ाई जारी रखना पहले की तुलना में आसान हुआ है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है.
मेरिट सूची के आधार पर होगा नामांकन
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार स्नातक में नामांकन पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगा. इंटरमीडिएट परीक्षा में प्राप्त अंकों, आरक्षण श्रेणी तथा विद्यार्थियों द्वारा चुने गए विषय और कॉलेज की प्राथमिकता के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी. मेरिट सूची प्रकाशित होने के बाद चयनित विद्यार्थियों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित कॉलेज में नामांकन कराना होगा. विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को आवेदन करते समय सभी जानकारियां सावधानीपूर्वक भरने और आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने की सलाह दी है.
16 और 17 जून को सुधार सकेंगे आवेदन
विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों को आवेदन में हुई त्रुटियों को सुधारने का भी अवसर दिया है. 16 और 17 जून को अभ्यर्थी अपने आवेदन पत्र में संशोधन कर सकेंगे. इसके बाद किसी प्रकार का सुधार संभव नहीं होगा. इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी गई है.
उच्च शिक्षा को मिलेगी नई मजबूती
आवेदन की तिथि बढ़ने के बाद कॉलेजों, साइबर कैफे और ऑनलाइन सेवा केंद्रों पर विद्यार्थियों की भीड़ बढ़ गई है. छात्र-छात्राएं अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने में जुटे हैं. ऐसे में जिन विद्यार्थियों ने अब तक आवेदन नहीं किया है, उनके लिए 17 जून तक का समय बेहद महत्वपूर्ण है. उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती सुविधाओं और सीटों की उपलब्धता को देखते हुए शिक्षा जगत से जुड़े लोग इसे जिले के लिए सकारात्मक बदलाव मान रहे हैं. उनका कहना है कि यदि इसी तरह कॉलेजों में संसाधन और विषयों का विस्तार होता रहा तो आने वाले वर्षों में गोपालगंज उच्च शिक्षा के क्षेत्र में और मजबूत पहचान बना सकेगा.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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