Gopalganj News: गिरमिटिया देशों में हिंदी ने बचाए रखीं भारतीय पहचान की जड़ें : प्रो. आनंद
Published by : Vivek Pandey Updated At : 05 Jun 2026 9:58 AM
Gopalganj News: बीएचयू में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विद्वानों ने गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता, साहित्य और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में उसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की.
Gopalganj News: (संजय अभय) सूरीनाम में भारतीय आगमन दिवस के उपलक्ष्य में “गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता एवं साहित्य का सामाजिक आंदोलन, स्वतंत्रता, शिक्षा एवं संस्कृति में योगदान” विषयक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन सत्र गुरुवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के केएन उडुप्पा सभागार में आयोजित किया गया.
पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग तथा ग्लोबल गिरमिटिया काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन का शुभारंभ महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन एवं कुलगीत के साथ हुआ.
हिंदी भारतीय संस्कृति और जीवन मूल्यों की वाहक
सम्मेलन के संयोजक एवं आयोजन सचिव प्रो. ज्ञानप्रकाश मिश्र ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और जीवन मूल्यों की वाहक है. विषय प्रवर्तन करते हुए अरविंद पांडेय ने कहा कि गिरमिटिया देशों में हिंदी पत्रकारिता सामाजिक जागरूकता, शिक्षा और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रभावी माध्यम रही है.

प्रवासी भारतीयों ने बचाए रखीं अपनी सांस्कृतिक जड़ें
मुख्य वक्ता प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने कहा कि गिरमिटिया श्रमिकों का इतिहास संघर्ष, संस्कृति, भाषा और आत्मसम्मान की गौरवगाथा है. उन्होंने बताया कि वर्ष 1834 से भारतीयों का प्रवास मॉरीशस, सूरीनाम, फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो तथा गुयाना जैसे देशों में हुआ, जिनमें बड़ी संख्या बिहार और उत्तर प्रदेश के लोगों की थी.
उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय अपने साथ भोजपुरी, अवधी, मैथिली, मगही और ब्रज भाषाओं के साथ भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं भी लेकर गए. इनकी छाप आज भी उन देशों की भाषाओं, संस्कृति और जीवनशैली में स्पष्ट रूप से दिखाई देती है. प्रो. आनंद ने कहा कि हिंदी ने गिरमिटिया देशों में भारतीय पहचान और सांस्कृतिक जड़ों को बचाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
लोकतांत्रिक मूल्यों की सशक्त वाहक है हिंदी पत्रकारिता
विशिष्ट अतिथि प्रो. संजय गुप्ता ने हिंदी पत्रकारिता को लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया. वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े शारदानंद हरिनंदन ने भारत में गिरमिटोलॉजी अध्ययन शुरू करने की आवश्यकता पर बल दिया.
अध्यक्षता करते हुए प्रो. सुषमा ढिल्डियाल ने कहा कि हिंदी विश्व समुदाय को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण शक्ति बनकर उभर रही है.
पत्रकार संजय कुमार अभय हुए सम्मानित
कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक कुमार ज्योति ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन बृजेश पांडेय ने किया. इस अवसर पर पत्रकार संजय कुमार अभय को सम्मानित भी किया गया.
सम्मेलन में प्रो. भुवाल राम, प्रो. ज्ञानेश्वर चौबे, प्रो. विद्योत्तमा मिश्र, प्रो. विनोद पांडेय, प्रो. ओंकार नाथ उपाध्याय, प्रो. देवब्रत चौबे, चंद्रशेखर मिश्र, डॉ. राजेश राय, कमलेश सिंह, डॉ. बाला लखेन्द्र, रंजीत राय, महर्षि अनिल शास्त्री, मनजीत त्रिपाठी, डॉ. अमित तिवारी, डॉ. पंकज शुक्ला और राकेश तिवारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षाविद एवं विद्वान उपस्थित रहे.
Also Read: दिल्ली अग्निकांड से सबक: औरंगाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










