दिल्ली अग्निकांड से सबक: औरंगाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू

Published by : Vivek Pandey Updated At : 05 Jun 2026 9:08 AM

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Aurangbabad News: दिल्ली अग्निकांड के बाद औरंगाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है. तंग गलियों में संचालित होटल, लॉज और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर एनओसी जांच तेज कर दी गई है.

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Aurangabad News: (सुजीत कुमार सिंह) दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में होटल और रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत की दर्दनाक घटना ने देशभर को झकझोर दिया है. इस हादसे के बाद औरंगाबाद जिले में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. शहर के अंदर बाजार, शाहपुर रोड, महाराजगंज रोड,चूड़ी बाजार, मस्जिद के आसपास तथा अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कई होटल, लॉज और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जहां आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.शहर के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां इतनी संकरी हैं कि आपात स्थिति में दमकल वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है. विशेष रूप से अंदर बाजार, शाहपुर रोड और चूड़ी बाजार जैसे इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां अधिक होने के कारण आग लगने का खतरा भी बना रहता है. ऐसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं, जिससे किसी हादसे की स्थिति में जनहानि की आशंका बढ़ जाती है.

अधिवक्ता देवकांत कुमार

पहले हो चुकी हैं बड़ी अग्निकांड की घटनाएं


औरंगाबाद जिले में पूर्व में भी कई बड़ी आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. विभिन्न बैंकों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कबाड़खानों और अन्य प्रतिष्ठानों में आग लगने से करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो चुकी है. हालांकि कई मामलों में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इन घटनाओं ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है.

फायर एनओसी की जांच तेज


जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी ने बताया कि जिले के अधिकांश बड़े होटल, अस्पताल और प्रमुख संस्थानों ने फायर एनओसी प्राप्त कर रखा है तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन भी कर रहे हैं,लेकिन कुछ ऐसे होटल और लॉज भी हैं जो तंग गलियों और भीतरी इलाकों में संचालित हो रहे हैं. उनकी पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.जिन प्रतिष्ठानों द्वारा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है या जिनका फायर एनओसी अद्यतन नहीं है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है. आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.

सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं


जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. होटल, लॉज, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और अन्य मानकों का पालन करना अनिवार्य है. विभाग लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके.

होमगार्ड डीएसपी प्रभा कुमारी

गर्मी में अधिक होती है घटना


पर्यावरण विशेषज्ञ एवं सुरक्षा मानकों कर जानकार अधिवक्ता देवकांत कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट, ओवरलोड और सुरक्षा मानकों की अनदेखी आग लगने की प्रमुख वजह बनती है. ऐसे में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच करानी चाहिए और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी करना चाहिए.

औरंगाबाद शहर में भीड़

आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां

  • भवन में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराएं.
  • बिजली के तारों और उपकरणों की नियमित जांच कराएं.
  • आपातकालीन निकास मार्ग को हमेशा खुला रखें.
  • ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण करें.
  • कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी का प्रशिक्षण दें.
  • फायर अलार्म और सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखें.

दिल्ली की घटना के बाद औरंगाबाद में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन और अग्निशमन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है. विभाग का उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

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लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

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