दिल्ली अग्निकांड से सबक: औरंगाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू
Aurangbabad News: दिल्ली अग्निकांड के बाद औरंगाबाद में अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन सतर्क है. तंग गलियों में संचालित होटल, लॉज और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की फायर एनओसी जांच तेज कर दी गई है.
Aurangabad News: (सुजीत कुमार सिंह) दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में होटल और रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत की दर्दनाक घटना ने देशभर को झकझोर दिया है. इस हादसे के बाद औरंगाबाद जिले में भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं. शहर के अंदर बाजार, शाहपुर रोड, महाराजगंज रोड,चूड़ी बाजार, मस्जिद के आसपास तथा अन्य घनी आबादी वाले क्षेत्रों में कई होटल, लॉज और व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हो रहे हैं, जहां आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है.शहर के कई हिस्सों में सड़कें और गलियां इतनी संकरी हैं कि आपात स्थिति में दमकल वाहनों का पहुंचना मुश्किल हो सकता है. विशेष रूप से अंदर बाजार, शाहपुर रोड और चूड़ी बाजार जैसे इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां अधिक होने के कारण आग लगने का खतरा भी बना रहता है. ऐसे क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन आते-जाते हैं, जिससे किसी हादसे की स्थिति में जनहानि की आशंका बढ़ जाती है.
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पहले हो चुकी हैं बड़ी अग्निकांड की घटनाएं
औरंगाबाद जिले में पूर्व में भी कई बड़ी आगजनी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं. विभिन्न बैंकों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, कबाड़खानों और अन्य प्रतिष्ठानों में आग लगने से करोड़ों की संपत्ति नष्ट हो चुकी है. हालांकि कई मामलों में आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इन घटनाओं ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया है.
फायर एनओसी की जांच तेज
जिला अग्निशमन पदाधिकारी प्रभा कुमारी ने बताया कि जिले के अधिकांश बड़े होटल, अस्पताल और प्रमुख संस्थानों ने फायर एनओसी प्राप्त कर रखा है तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन भी कर रहे हैं,लेकिन कुछ ऐसे होटल और लॉज भी हैं जो तंग गलियों और भीतरी इलाकों में संचालित हो रहे हैं. उनकी पहचान के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है.जिन प्रतिष्ठानों द्वारा अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है या जिनका फायर एनओसी अद्यतन नहीं है, उन्हें नोटिस भेजा जा रहा है. आवश्यक होने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी.
सुरक्षा मानकों से समझौता नहीं
जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने कहा कि अग्नि सुरक्षा के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. होटल, लॉज, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास, विद्युत सुरक्षा और अन्य मानकों का पालन करना अनिवार्य है. विभाग लगातार जागरूकता अभियान भी चला रहा है ताकि किसी संभावित हादसे को रोका जा सके.

गर्मी में अधिक होती है घटना
पर्यावरण विशेषज्ञ एवं सुरक्षा मानकों कर जानकार अधिवक्ता देवकांत कुमार ने कहा कि गर्मी के मौसम में शॉर्ट सर्किट, ओवरलोड और सुरक्षा मानकों की अनदेखी आग लगने की प्रमुख वजह बनती है. ऐसे में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नियमित रूप से अग्नि सुरक्षा उपकरणों की जांच करानी चाहिए और आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षित भी करना चाहिए.

आग से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
- भवन में पर्याप्त संख्या में अग्निशामक यंत्र रखें और समय-समय पर उनकी जांच कराएं.
- बिजली के तारों और उपकरणों की नियमित जांच कराएं.
- आपातकालीन निकास मार्ग को हमेशा खुला रखें.
- ज्वलनशील पदार्थों का सुरक्षित भंडारण करें.
- कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव और निकासी का प्रशिक्षण दें.
- फायर अलार्म और सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखें.
दिल्ली की घटना के बाद औरंगाबाद में अग्नि सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन और अग्निशमन विभाग की सक्रियता बढ़ गई है. विभाग का उद्देश्य संभावित हादसों को रोकना और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.
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