गोपालगंज के सदर अस्पताल की इमरजेंसी भगवान भरोसे, जीएनएम गायब—प्राइवेट कर्मियों के सहारे चल रहा इलाज

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गोपालगंज के सदर अस्पताल की इमरजेंसी भगवान भरोसे, जीएनएम गायब—प्राइवेट कर्मियों के सहारे चल रहा इलाज

Gopalganj News: गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जीएनएम कर्मियों की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. मरीजों का इलाज प्राइवेट कर्मियों के भरोसे चलता रहा.

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Gopalganj News: (मनीष राज) गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. शुक्रवार सुबह इमरजेंसी वार्ड में तैनात एक भी जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कर्मी मौजूद नहीं मिले, जिससे मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ा. हालात ऐसे रहे कि इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का उपचार प्राइवेट कर्मियों के भरोसे चलता रहा.

इस स्थिति ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

मरीजों को नहीं मिला प्रशिक्षित स्टाफ का सहयोग

मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि सुबह की शिफ्ट में जब वे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे तो वहां कोई भी प्रशिक्षित जीएनएम स्टाफ मौजूद नहीं था. ऐसे में मरीजों को दवा देने और प्राथमिक उपचार का काम प्राइवेट कर्मियों द्वारा किया जा रहा था.

परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की अनुपस्थिति मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती है. उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

अस्पताल प्रबंधन ने मांगा स्पष्टीकरण

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर अस्पताल के प्रबंधक जान महमद ने कहा कि सभी कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार निर्धारित की जाती है और समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य है.

उन्होंने बताया कि ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए जीएनएम कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. मामले की जांच के बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

व्यवस्था सुधारने की उठी मांग

अस्पताल में इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद मरीजों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने तथा जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है. ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति बेहद गंभीर मामला है और इसे तत्काल सुधारने की जरूरत है.

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विवेक पाण्डेय

लेखक के बारे में

By विवेक पाण्डेय

विवेक रंजन पाण्डेय पिछले 8 वर्षों से टीवी और डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने Aryabhatta Knowledge University, Patna से BJMC की पढ़ाई की है.

उन्होंने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत Network 10 टीवी चैनल से की. इसके बाद News India, News18 Digital सहित कई राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मीडिया संस्थानों में फील्ड रिपोर्टिंग और कंटेंट राइटिंग का अनुभव प्राप्त किया.

वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं. यहां बिहार की राजनीति, चुनाव, शिक्षा, कृषि, रोजगार, सरकारी योजनाओं, सामाजिक सरोकारों और विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों पर तथ्यपरक और विश्वसनीय खबरें पाठकों तक पहुंचाते हैं.

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