गोपालगंज के सदर अस्पताल की इमरजेंसी भगवान भरोसे, जीएनएम गायब—प्राइवेट कर्मियों के सहारे चल रहा इलाज

Published by : Vivek Pandey Updated At : 05 Jun 2026 11:02 AM

विज्ञापन

Gopalganj News: गोपालगंज सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जीएनएम कर्मियों की अनुपस्थिति से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. मरीजों का इलाज प्राइवेट कर्मियों के भरोसे चलता रहा.

विज्ञापन

Gopalganj News: (मनीष राज) गोपालगंज के मॉडल सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है. शुक्रवार सुबह इमरजेंसी वार्ड में तैनात एक भी जीएनएम (जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी) कर्मी मौजूद नहीं मिले, जिससे मरीजों के इलाज पर सीधा असर पड़ा. हालात ऐसे रहे कि इमरजेंसी में भर्ती मरीजों का उपचार प्राइवेट कर्मियों के भरोसे चलता रहा.

इस स्थिति ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

मरीजों को नहीं मिला प्रशिक्षित स्टाफ का सहयोग

मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि सुबह की शिफ्ट में जब वे इमरजेंसी वार्ड पहुंचे तो वहां कोई भी प्रशिक्षित जीएनएम स्टाफ मौजूद नहीं था. ऐसे में मरीजों को दवा देने और प्राथमिक उपचार का काम प्राइवेट कर्मियों द्वारा किया जा रहा था.

परिजनों का कहना है कि इमरजेंसी वार्ड जैसे संवेदनशील विभाग में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की अनुपस्थिति मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकती है. उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है.

अस्पताल प्रबंधन ने मांगा स्पष्टीकरण

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सदर अस्पताल के प्रबंधक जान महमद ने कहा कि सभी कर्मियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार निर्धारित की जाती है और समय पर ड्यूटी पर उपस्थित रहना अनिवार्य है.

उन्होंने बताया कि ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए जीएनएम कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. मामले की जांच के बाद आवश्यक विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

व्यवस्था सुधारने की उठी मांग

अस्पताल में इस तरह की लापरवाही सामने आने के बाद मरीजों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है. लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से अस्पताल की व्यवस्था में सुधार लाने तथा जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है.

स्थानीय लोगों का कहना है कि सदर अस्पताल जिले का सबसे बड़ा सरकारी स्वास्थ्य केंद्र है. ऐसे में इमरजेंसी वार्ड में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की अनुपस्थिति बेहद गंभीर मामला है और इसे तत्काल सुधारने की जरूरत है.

Also Read: दिल्ली अग्निकांड से सबक: औरंगाबाद के भीड़भाड़ वाले इलाकों में अग्नि सुरक्षा की पड़ताल शुरू

विज्ञापन
Vivek Pandey

लेखक के बारे में

By Vivek Pandey

विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने ​बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. ​बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. ​जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन