गोपालगंज के स्मार्ट क्लास वाले स्कूलों में इंटरनेट अनिवार्य, दो दिनों में कनेक्शन का निर्देश

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सांकेतिक तस्वीर

गोपालगंज शिक्षा विभाग ने स्मार्ट क्लास वाले स्कूलों में दो दिनों के भीतर इंटरनेट सुविधा बहाल करने का निर्देश दिया है। लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई।

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Gopalganj Smart Class Internet: जिले के सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास के माध्यम से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों के लिए अब इंटरनेट की सुविधा भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध करानी होगी. गोपालगंज शिक्षा विभाग ने स्मार्ट क्लास वाले सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापकों को तत्काल इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है.

विद्यालयों में वाई-फाई या मॉडम के माध्यम से इंटरनेट की सुविधा बहाल करनी होगी. विभाग ने इस पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराने के साथ दो दिनों के अंदर इसका सत्यापन कराने का भी निर्देश दिया है.

स्मार्ट क्लास है तो इंटरनेट भी रखना होगा

जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि जिले के चयनित विद्यालयों में स्मार्ट क्लास स्थापित कर उसका संचालन किया जा रहा है. स्मार्ट क्लास के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित होते हैं. ऐसे में इंटरनेट कनेक्टिविटी के बिना डिजिटल शिक्षा का पूरा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाना मुश्किल है.

इसी को देखते हुए सभी संबंधित विद्यालयों में इंटरनेट की सुविधा अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. विद्यालयों में इंटरनेट कनेक्शन लेने पर होने वाले खर्च का भुगतान कंपोजिट स्कूल ग्रांट में उपलब्ध राशि से किया जाएगा. इसके लिए स्कूलों को अलग से राशि मिलने का इंतजार नहीं करना होगा.

प्रधानाध्यापक उपलब्ध प्रावधान के अनुसार विद्यालय में इंटरनेट सुविधा बहाल करा सकेंगे.

बीएसएनएल की स्पीड ठीक नहीं तो बदल सकेंगे कनेक्शन

जिले के जिन माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में पहले से बीएसएनएल की ओर से इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है, वहां भी कनेक्टिविटी और इंटरनेट स्पीड की जांच कराई जाएगी.

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से संबंधित विद्यालयों में इंटरनेट की स्थिति की जांच होगी. यदि बीएसएनएल कनेक्शन की गुणवत्ता या स्पीड संतोषजनक नहीं मिली, तो विद्यालय बेहतर कनेक्टिविटी के लिए किसी दूसरे इंटरनेट सेवा प्रदाता की सेवा ले सकेंगे.

इसका उद्देश्य स्मार्ट क्लास में डिजिटल सामग्री और ऑनलाइन शैक्षणिक संसाधनों के इस्तेमाल में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करना है.

बीइओ करेंगे निगरानी, दो दिन में देना होगा अनुपालन

शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की निगरानी करने का निर्देश दिया है. प्रधानाध्यापकों को दो दिनों के अंदर इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित कार्रवाई पूरी कर उसका सत्यापन सुनिश्चित करना होगा.

विभाग ने इसे अति आवश्यक बताते हुए निर्धारित समय सीमा के अंदर अनुपालन कराने का निर्देश दिया है. इंटरनेट सुविधा उपलब्ध होने के बाद स्मार्ट क्लास वाले सरकारी स्कूलों में ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री, डिजिटल पाठ और अन्य तकनीकी संसाधनों के इस्तेमाल को गति मिलने की उम्मीद है.

स्मार्ट क्लास वाले स्कूलों के लिए प्रमुख निर्देश

  • विद्यालय में इंटरनेट कनेक्शन अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा.
  • वाई-फाई या मॉडम के माध्यम से कनेक्टिविटी दी जा सकेगी.
  • इंटरनेट कनेक्शन का खर्च कंपोजिट स्कूल ग्रांट से किया जाएगा.
  • पहले से लगे बीएसएनएल कनेक्शन की गुणवत्ता और स्पीड की जांच होगी.
  • खराब कनेक्टिविटी होने पर दूसरा इंटरनेट सेवा प्रदाता चुना जा सकेगा.
  • बीइओ इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता की निगरानी करेंगे.
  • दो दिनों के अंदर कार्रवाई पूरी कर सत्यापन कराना होगा.

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