47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी
Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 17 Apr 2020 3:15 AM
47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी – बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 60वें दिन भी जारी रही हड़ताल- नियोजित शिक्षकों ने सभी मांगों की पूर्ति तक हड़ताल पर डटे रहने का लिया संकल्पसंवाददाता4गोपालगंज बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल गुरुवार को 60वें दिन […]
47 हड़ताली शिक्षकों की मौत पड़ेगी महंगी – बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर 60वें दिन भी जारी रही हड़ताल- नियोजित शिक्षकों ने सभी मांगों की पूर्ति तक हड़ताल पर डटे रहने का लिया संकल्पसंवाददाता4गोपालगंज बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के आह्वान पर नियोजित शिक्षकों की हड़ताल गुरुवार को 60वें दिन भी जारी रही. इस दौरान शिक्षकों ने मांगों की पूर्ति तक हड़ताल जारी रखने का संकल्प लिया. शिक्षक नेता रतिकांत साह ने कहा कि राज्य भर में 47 हड़ताली शिक्षकों की मौत हो गयी है. इसके लिए राज्य सरकार जिम्मेदार है. उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि हड़ताली शिक्षकों ने शिक्षामंत्री के अपील पत्र को खारिज कर दिया है. उन्होंने जिले के शिक्षकों से आह्वान किया कि किसी भी लालच और भय से मुक्त होकर हड़ताल पर डटे रहें. शिक्षक नेता ने कहा कि खुद मुश्किलों के दौर से गुजरते हुए शिक्षक कोरोना महामारी के संकट में लोगों को जागरूक करने व जरूरतमंदों की मदद में जुटे हैं. इसमें उनके साथ अशोक कुमार तिवारी,जयनारायण सिंह, नीलमणि शाही, प्रकाश नारायण, सुशील कुमार सिंह, कौशर अली, अभिषेक कुमार, संतोष कुमार, राजन राय, आनंद कुमार, जलेश्वर प्रसाद, कमलेश कुमार, निलेश कुमार सिंह, राघवेंद्र मिश्र, अतुल चौबे, अमृतेश तिवारी, वीरेंद्र सहनी, राजकुमार, राजीव रंजन, नीरज राय, रौशन कुमार, श्रीकांत सिंह, नीरज कुमार सिंह, मो कौशर अली, जय कुमार, शिव कुमार द्विवेदी,मंजू कुमारी, रमिता कुमारी, सुनीता कुमारी, नीतू कुमारी, पुष्पा कुमारी सहित सभी हड़ताली शिक्षक शामिल हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Pritish Sahay
प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










