सेविकाओं की हड़ताल से सुस्त पड़ी कुपोषण से जंग
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :01 May 2017 12:57 AM (IST)
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गोपालगंज : आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल से न सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटक गये हैं बल्कि कुपोषण से चल रही जंग भी सुस्त पड़ गयी है. कुपोषण प्रभावित बच्चों की जिंदगी दिनोंदिन पस्त पड़ती जा रही है. ऐसे तो आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कुपोषण से मुक्ति को लेकर सरकार के द्वारा किया गया है. […]
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गोपालगंज : आंगनबाड़ी सेविकाओं की हड़ताल से न सिर्फ आंगनबाड़ी केंद्रों में ताले लटक गये हैं बल्कि कुपोषण से चल रही जंग भी सुस्त पड़ गयी है. कुपोषण प्रभावित बच्चों की जिंदगी दिनोंदिन पस्त पड़ती जा रही है. ऐसे तो आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कुपोषण से मुक्ति को लेकर सरकार के द्वारा किया गया है.
लेकिन, आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं की हड़ताल योजना के मुख्य उद्देश्य पर पानी फेर रही है.
पिछले दो माह से कुपोषित एवं अति कुपोषित बच्चों के साथ-साथ गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मिलने वाले पुष्टाहार भी आंगनबाड़ी केंद्रों से नहीं मिल रहा है. ऐसे में सरकार और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की हड़ताल के बीच मासूमों की जिंदगी पीस रही है. समाज कल्याण विभाग के द्वारा कुपोषण से निजात दिलाने को लेकर प्रत्येक माह टेक होम राशन के वितरण के लिए कैलेंडर का निर्धारण किया गया, जिसमें प्रत्येक माह की 15 एवं 22 तारीख को हर हाल में टेक होम राशन का वितरण किये जाने का निर्देश दिया गया है.
इतना ही नहीं इसकी मॉनीटरिंग के लिए महिला पर्यवेक्षिका, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी एवं जिला स्तरीय पदाधिकारी को भी लगाया गया. ताकि हर हाल में लाभुकों को टेक होम राशन का लाभ मिले और कुपोषण से भी निजात मिल सके. लेकिन, मार्च ,2017 में जिले की 14 परियोजनाओं में से मात्र फुलवरिया और मांझा परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्रों में ही टेक होम राशन का वितरण किया गया. जबकि शेष 12 परियोजनाओं में टेक होम राशन का वितरण नहीं किया गया. ऐसी स्थिति में पिछले दो माह से कुपोषण से जंग सुस्त पड़ गयी है.
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