दो मरीजों की गयी जान
गोपालगंज : सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में न दवा मिल रही है और डॉक्टर. मंगलवार की दोपहर इमरजेंसी वार्ड में दो मरीजों की मौत इलाज के अभाव में हो गयी. विभिन्न रोगों से ग्रसित और दुर्घटनाओं में घायल मरीज डॉक्टर के नहीं रहने पर लौट गये. होली से पहले अस्पतालों की कुव्यवस्था से मरीजों की परेशानी बढ़ गयी है.
स्वास्थ्य विभाग ने होली को लेकर अलर्ट करते हुए एक शिफ्ट में दो चिकित्सकों को पर्याप्त दवाएं रखने का निर्देश दिया था. लेकिन, बिहार के इस दूसरे मॉडल अस्पताल में इलाज की व्यवस्था बदहाल हो गयी है. मृतक मरीज जादोपुर थाने के बाबू विशुनपुर गांव के 65 वर्षीय लगन महतो तथा बसडिला गांव के 30 वर्षीय उमेश बताये गये हैं. परिजनों के अनुसार, इलाज के अभाव में लगन महतो की मौत हो गयी.
चिकित्सक ने मौत की पुष्टि कर दी, लेकिन अस्पताल के अप्रशिक्षु कर्मियों ने पैसे के लालच में ऑक्सीजन लगाया. मृतक की पत्नी शिव कली देवी ने बताया कि अगर समय पर इलाज होता, तो शायद मेरे पति की जान बच जाती.
पैसा लेकर कर्मियों ने ऑक्सीजन लगाया, जिससे कोई फायदा नहीं पहुंचा. इमरजेंसी वार्ड के चिकित्सक से दिखाने आयी महिला को जब डॉक्टर साहब नहीं दिखे, तो उनके चेंबर के सामने फर्श पर लेट गयी.
महिला ने कहा कि डॉक्टर साहब जब तक नहीं आते, यहीं उनका इंतजार करूंगी.
इमरजेंसी वार्ड में चिकित्सक को चौबीस घंटे तैनात किया गया है. जरूरी दवाएं अस्पताल में मौजूद हैं. अगर चिकित्सक ड्यूटी से गायब थे, तो इसकी जांच की जायेगी. मरीजों के इलाज में किसी तरह की लापरवाही बरदाश्त नहीं की जायेगी.
डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा, सिविल सर्जन, गोपालगंज- फोटो न. 5 डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा
