विश्वविद्यालयों में एडमिशन से लेकर डिग्री तक ऑनलाइनकुलपतियों की बैठक में राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद का निर्देशदीक्षांत समारोह का बदलेगा ड्रेस, पश्चिमी वेशभूषा की जगह होगा देसी परिधानगांवों को गोद देंगे विश्वविद्यालय, शिक्षा-स्वच्छता-विद्युतीकरण-कौशल विकास की उठायेंगे जिम्मेवारीनैक के बाद अब विवि-कॉलेज ‘नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क’ के लिए भी रहे तैयारएकेडमिक कैलेंडर तैयार कर उसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे कुलपतिसंवाददाता, पटना राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एडमिशन, रिजल्ट, सर्टिफिटेक से लेकर डिग्री तक सब कुछ आनलाइन हो जायेगा. इसे 2016 के नये सत्र से लागू करने का राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद ने सभी विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया है. सोमवार को राजभवन में सभी विश्वविद्यालयों के कुलपितयों की बैठक में उन्होंने कहा कि नामांकन से लेकर डिग्री देने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने से विश्वविद्यालयों के कामों में पारदर्शिता रहेगी. कुलाधिपति ने विश्वविद्यालयों के एकेडमिक कैलेंडर के अनुपालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही विश्वविद्यालयों को अपने आस-पास के गांवों को गोद लेने और दीक्षांत समारोह में पश्चिमी वेशभूषा की जगह देसी परिधानों के पहने जाने का निर्देश दिया. राजभवन में चली मैराथन बैठक में राज्यपाल ने नैक के अलावा विश्वविद्यालयों व कॉलेजों को नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क के लिए भी तैयार करने को कहा. साथ ही उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को सम्मानित भी किया जायेगा. कुलाधिपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि विश्वविद्यालयों को अपनी सामाजिक उपयोगिता को भी समझनी चाहिए. इसके लिए उन्हें विश्वविद्यालयों के आस-पास के कुछ गांवों को गोद लेना चाहिए और उनकी शिक्षा, स्वच्छता, विद्युतीकरण, कौशल विकास, कंप्यूटरीकरण जैसे विकासात्मक व कल्याणकारी योजनाओं की जिम्मेवारी उठाएं. उन्होंने विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की गुणवत्ता सुधार के लिए ‘नैक मूल्यांकन’ के साथ-साथ ‘नेशनल इंस्टीट्यूशन रैंकिंग फ्रेमवर्क’ (एनआइआरएफ) के लिए भी तैयार रहने को भी कहा. राज्यपाल ने दीक्षांत–समारोहों के लिए पाश्चात्य वेशभूषा की जगह देसी परिधान के प्रयोग करने का निर्देश दिया. कुलाधिपति ने कहा कि विश्वविद्यालयों में ज्ञान के आदान-प्रदान के साथ-साथ स्वस्थ सांस्कृतिक वातावरण की शुरुआत और सामाजिक समरसता विकसित करने के लिए पहल करनी चाहिए, विश्वविद्यालय परिसरों को शहर के सबसे स्वच्छ और सुंदर परिसर के रूप में विकसित कर एक आदर्श प्रस्तुत किया जा सकता है. राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में भयमुक्त शैक्षणिक और एकेडमिक वातावरण बनाये रखने पर जोर दिया और कहा कि बिहार में उच्च शिक्षा के विकास की दिशा में आधारभूत संरचना के विकास की जरूरत है. उन्होंने वोकेशनल पाठ्यक्रमों और कॉलेजों का एफिलियेशन जारी रखने का निर्देश भी दिया. राज्यपाल ने कहा कि कुलपतियों को विश्वविद्यालय में अपने आप को एक कुशल और नैतिक मार्ग निर्देशक के रूप में पेश करना चाहिए, जिससे छात्र-छात्राओं पर व्यापक प्रभाव पड़े. कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय की वेबसाइट को विकसित करने और ‘इ-लाइब्रेरी’ व ‘इ-लर्निंग’ की सुविधा देने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि राज्य के कॉलेजों को ‘सेंटर ऑफ एक्सिलेंस’ के रूप में विकसित करना बेहद जरूरी है. बैठक में शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए विश्वविद्यालयों अौर कॉलेजों को वाइ-फाइ सुविधा देने, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने पर जल्द से जल्द कार्रवाई करेगी. साथ ही सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में भी वंचित वर्ग और अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करायेगी. बैठक विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के चेयरमैन प्रो वेद प्रकाश ने की-नोट एड्रेस दिया. वहीं, सभी कुलपतियों ने अलग-अलग विषयों पर प्रेजेंटेशन रखा. इस मौके पर शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डाॅ डीएस गंगवार, राज्यपाल के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, शिक्षा विभाग के अपर सचिव के सेंथिल कुमार समेत उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारी मौजूद थे.
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वश्विवद्यिालयों में एडमिशन से लेकर डग्रिी तक ऑनलाइन
विश्वविद्यालयों में एडमिशन से लेकर डिग्री तक ऑनलाइनकुलपतियों की बैठक में राज्यपाल सह कुलाधिपति रामनाथ कोविंद का निर्देशदीक्षांत समारोह का बदलेगा ड्रेस, पश्चिमी वेशभूषा की जगह होगा देसी परिधानगांवों को गोद देंगे विश्वविद्यालय, शिक्षा-स्वच्छता-विद्युतीकरण-कौशल विकास की उठायेंगे जिम्मेवारीनैक के बाद अब विवि-कॉलेज ‘नेशनल इंस्टीट्यूट रैंकिंग फ्रेमवर्क’ के लिए भी रहे तैयारएकेडमिक कैलेंडर तैयार कर उसका […]
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Prabhat Khabar Digital Desk
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