मोटी रकम के लिए छात्र ने खुद के अपहरण की रची थी साजिश
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 31 Dec 2015 8:32 PM
मोटी रकम के लिए छात्र ने खुद के अपहरण की रची थी साजिशअपहरण के बहाने परिजनों से किया धोखा पुलिस के समक्ष पल-पल बदलता रहा छात्र का बयान एसडीपीओ की पूछताछ में झूठा निकला अपहरण का मामला फोटो न. 21 बुधवार की रात सदर अस्पताल में शाहिद. संवाददाता, बरौली इंजीनियरिंग छात्र के अपहरण का मामला […]
मोटी रकम के लिए छात्र ने खुद के अपहरण की रची थी साजिशअपहरण के बहाने परिजनों से किया धोखा पुलिस के समक्ष पल-पल बदलता रहा छात्र का बयान एसडीपीओ की पूछताछ में झूठा निकला अपहरण का मामला फोटो न. 21 बुधवार की रात सदर अस्पताल में शाहिद. संवाददाता, बरौली इंजीनियरिंग छात्र के अपहरण का मामला झूठा निकला. छात्र ने अपहरण के बहाने परिजनों से धोखा किया. पुलिस के सामने पल-पल उसने बयान बदला. उसने कभी पटनासिटी से अगवा होने की बात कही, तो कभी गांधी सेतु से अपहरण की बात कहीं. उसने पुलिस अधिकारियों को भी चकमा देने की कोशिश की. सदर एसडीपीओ मनोज कुमार ने पूरे मामले का खुलासा कर दिया है. दरअसल छात्र के अपहरण का पूरा मामला पैसों को लेकर है. शाहिद के पिता विदेश में काम करते हैं. उनके बैंक खाते का एटीएम कार्ड शाहिद के पास ही रहता था. इसके कारण छात्र मनमानी खर्च करता था. मोटी रकम की हेराफेरी का हिसाब परिजनों को देना पड़ता था. इसलिए उसने खुद के अपहरण की साजिश रच डाली. पिता का मोबाइल नंबर परिवार के सदस्यों के अलावा दूसरे किसी के पास नहीं था. कुछ दिन बाद विदेश से उसके पिता भी आनेवाले थे. उसने पैसों के लिए अपहरण की साजिश रची. अपहरण का नाटक करने के बाद पैसों की मांग के लिए कदम उठाया. नो सिम से पिता के पास पांच लाख फिरौती का एसएमएस भेजा. पुलिस जब सक्रिय हुई तो उसने मोबाइल बंद कर लिया. पटना पुलिस अब उस मोबाइल नंबर की तलाश में लगी है, जिसका इस्तेमाल फिरौती मांगने में किया गया था. इस पूरे प्रकरण में पुलिस को आशंका है कि इसके साथी दोस्त भी अपहरण के नाटक में शामिल हैं. बहरहाल, छात्र को पटना लेकर जाने के बाद एसएसपी मनु महाराज के द्वारा पूछताछ किये जाने की बात कही गयी. उधर, पुलिस की एक टीम आइटी सेल के जरिये नंबर की पहचान में जुटी है, जिससे फिरौती के लिए एसएमएस भेजा गया था. मैरवा से उसके घर छोड़नेवाले आखिर कौन थे सीवान के मैरवा स्टेशन पर बेहोशी हालत में मिले छात्र को घर पहुंचानेवाले युवक आखिरकार कौन थे. परिजनों के मुताबिक युवकों ने शाहिद को सौंपने के बाद काम आधा – अधूरा होने की बात कही. मैरवा स्टेशन के पास शाहिद कैसे पहुंचा, इसका भी खुलासा नहीं हो सका है. बरौली थाने के केरवनिया गांव में वाहन से तीनों छात्र शाहिद को लेकर आये थे. परिजनों के मुताबिक तीनों छात्र शाहिद को पहचाननेवाले हैं. पॉकेट में आइडी मिलने के बाद उसे घर पहुंचा गये. गौर करने की बात यह है कि घर तक शाहिद को छोड़ने वाले युवक अपने काम को आधा बाकी होने की बात क्यों कही. पुलिस छात्र के परिजनों के बयान को भी गंभीरता से लेकर जांच पड़ताल कर रही है. एसडीपीओ मनोज कुमार की माने तो घर तक छोड़ने वाले युवकों ने परिजनों को एक मोबाइल नंबर भी दिया, जिस पर संपर्क करने पर नंबर गलत बताया जा रहा है.
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