बिहार को बाहरी, नहीं बिहारी ही चलायेगा : नीतीश
बिहार को बाहरी, नहीं बिहारी ही चलायेगा : नीतीशहमारे पुराने दिन लौटा दें मोदी : नीतीशफोटो:2-सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमारप्रभात खबर टोली, सहरसा/मधेपुरा/अररिया/िकशनगंजबिहार के विकास की बुलंद इमारत का जो हमने सपना देखा है, उसे साकार करने का मौका दें. बिहार को बाहरी, नहीं बिहारी ही चलायेगा. आपने हमें जो मौका दिया, उसमें […]
बिहार को बाहरी, नहीं बिहारी ही चलायेगा : नीतीशहमारे पुराने दिन लौटा दें मोदी : नीतीशफोटो:2-सभा को संबोधित करते मुख्यमंत्री नीतीश कुमारप्रभात खबर टोली, सहरसा/मधेपुरा/अररिया/िकशनगंजबिहार के विकास की बुलंद इमारत का जो हमने सपना देखा है, उसे साकार करने का मौका दें. बिहार को बाहरी, नहीं बिहारी ही चलायेगा. आपने हमें जो मौका दिया, उसमें हमने वक्त बरबाद किये बिना न्याय के साथ विकास का काम किया. उक्त बातें मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को प्रखंड के बरदाहा हाइस्कूल के मैदान में जदयू प्रत्याशी शत्रुघ्न कुमार सुमन के पक्ष में आयोजित सभा में कहीं.प्रधानमंत्री व भाजपा नेताओं द्वारा चुनाव प्रचार में इस्तेमाल किये जा रहे जुमले पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज प्रधानमंत्री को देश की नहीं, बिहार की सत्ता की चिंता है, इसलिए वह प्रखंड-प्रखंड चुनाव सभा करते फिर रहे हैं. बिहार की धरती पर सद्भाव, प्रेम का सबसे बड़ा उदाहरण है कि दशहरा व मुहर्रम जैसा पर्व शांतिपूर्वक संपन्न होते हैं. लेकिन, भाजपावाले इस सद्भाव को खंडित करने की मंशा रखते हैं, जिससे हमें बचना है. नीतीश कुमार ने दाल के महंगा होने की चर्चा करते हुए कहा कि अच्छे दिन का दावा करनेवाले प्रधानमंत्री हमारे पुराने दिन ही लौटा दें. सवा लाख करोड़ के विशेष पैकेज का ढिंढ़ोरा पीटनेवाले को यह पता नहीं कि इसमें एक लाख आठ हजार करोड़ तो पुराना ही है. विशेष राज्य का दर्जा देते, तो विकास के नये अवसर प्राप्त होते. मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मुझे अहंकारी बता डीएनए खराब होने की बात कर बिहारियों का अपमान किया, जिसका बदला हस सब को मिल कर लेना है. हमारी सरकार ने बालिका छात्रवृत्ति, पोशाक, साइकिल योजना चला कर शिक्षा की बेहतर व्यवस्था दी. दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों व महिलाओं के मान-सम्मान और आरक्षण देनेवाला पहला राज्य बिहार बना, गांव-गांव से साइकिल पर चढ़ कर स्कूल आती लड़कियां आज एक विकसित हो रहे बिहार की तसवीर पेश करती हैं. इस बार महागंठबंधन की सरकार बनी, तो हमारे साझा कार्यक्रम के तहत बेरोजगार युवक-युवतियों को एक हजार रुपये प्रतिमाह दो वर्षों तक सहायता भत्ता, उच्च शिक्षा चाहने वाले छात्र-छात्राओं में चार लाख का क्रेडिट कार्ड, हर घर पानी, बिजली की मुफ्त व्यवस्था गांवों तक पक्की नाली व सड़क का निर्माण कराया जायेगा. सभा को बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह ने संबोधित करते हुए कहा कि नीतीश कुमार को विकास पुरुष बताते हुए पूरे विश्व में बिहारी की पहचान होने की बात कर जदयू प्रत्याशी को वोट देने की अपील की. उससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को मधेपुरा के एसबीजेएस+2 हाइस्कूल मैदान, सहरसा व िकशनगंज में भी सभा को संबोधित िकया. मधेपुरा प्रतिनिधि के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को मुख्यालय स्थित एसबीजेएस + 2 हाइस्कूल के मैदान में सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि आज उन्हें देश के किसान गरीब व बेरोजगार युवाओं की चिंता नहीं है. अगर उन्हें चिंता है तो झांसा देकर बिहार की सत्ता हथियाने का. लेकिन बिहार की लोग दुबारा उनके झांसे में आने वाले नहीं हैं.
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