भाजपा नेताओं पर एफआइआर दर्ज हो : महागंठबंधन
भाजपा नेताओं पर एफआइआर दर्ज हो : महागंठबंधनब्यूरोनयी दिल्ली : भाजपा द्वारा जारी विवादास्पद विज्ञापन पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने के बाद गंठबंधन के नेताओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष पर एफआइआर दर्ज करने की मांग की है. जदयू सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी और वरिष्ठ वकील सह सांसद केटीएस […]
भाजपा नेताओं पर एफआइआर दर्ज हो : महागंठबंधनब्यूरोनयी दिल्ली : भाजपा द्वारा जारी विवादास्पद विज्ञापन पर चुनाव आयोग द्वारा रोक लगाने के बाद गंठबंधन के नेताओं ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष पर एफआइआर दर्ज करने की मांग की है. जदयू सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी और वरिष्ठ वकील सह सांसद केटीएस तुलसी ने संवाददाता सम्मेलन कर यह मांग की. केसी त्यागी ने कहा कि पटना के डीएम, एसएसपी और चुनाव आयोग कार्यालय को मुख्य निर्वाचन आयोग की ओर से भेजे गये कॉपी उपलब्ध करा दी गयी है. साथ ही यह मांग की है कि सिर्फ प्रिंटर और पिब्लसर्स पर एफआइआर करने से कुछ हासिल नहीं होगा, क्योंकि इसे छापने के पीछे की प्रेरणा राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष से मिली होगी. चुनाव के वक्त में इस तरह के विज्ञापन का प्रकाशन बिना राष्ट्रीय अध्यक्ष की अनुमति के संभव ही नहीं हो सकता है. इसलिए जरूरी है कि इन लोगों पर भी मुकदमा चलाया जाये. वहीं वरिष्ठ वकील और सांसद केटीएस तुलसी ने कहा कि इन विज्ञापनों में जाति के आधार पर, धर्म के आधार पर नफरत फैलाने की कोशिश की गयी है. इसे आचार संहिता 153 ए में जुर्म करार दिया गया है. तुलसी ने कहा कि जिस तरह से चुनाव आयोग ने इन विज्ञापनों पर संज्ञान लेकर सभी अखबारों को प्रकाशित करने से रोका है इससे साफ जाहिर होता है कि ये विज्ञापन कितने खतरनाक है. किस तरह से लोगों को बांटने का काम किया जा रहा है. जरूरी है कि संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज किया जाये. भाजपा अध्यक्ष अमति शाह के ऊपर कटाक्ष करते हुए त्यागी ने कहा कि उन्हें यह समझना चाहिए कि यदि भाजपा हारती है, तो इसकी सबसे ज्यादा खुशी केंद्रीय कैबिनेट के आधा दर्जन से ज्यादा मंत्रियों, मार्गदर्शक मंडल और वरिष्ठ सहयोगियों को होगी. त्यागी ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा के स्कील डेवलपमेंट मंत्री राजीव प्रताप रु डी अनस्कील्ड हैं. रु डी द्वारा किये गये ट्वीट का हवाला देते हुए त्यागी ने कहा कि वह राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर पाकिस्तानी अखबार डॉन को विज्ञापन देने का आरोप लगाया है, जो अज्ञानता से परिपूर्ण और हास्यास्पद है. प्रधानमंत्री जो डिजीटल एवं स्कील इंडिया को जोर-शोर से प्रचारित कर रहे हैं, उनके ही कौशल विकास मंत्री के इस अकौशल प्रयास से पीएम मोदी के निर्णय पर भी सवाल खडा हो गया है कि उनके ऐसे मंत्री देश के कौशल विकास में क्या भूमिका अदा करेंगे. उन्होंने कौशल विकास मंत्री को तुरंत बर्खास्त करने की मांग करते हुए कहा कि भाजपा यह स्पष्ट करें कि उनके सभी वरिष्ठ नेताओं के बयान पाकिस्तान केंद्रित क्यों होते हैं.
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