बरौली : न हवा चली और न वज्रपात हुआ, लेकिन महज 40 मिनट की साधारण बारिश से 14 घंटे बिजली बाधित रही. पूरी रात उपभोक्ता ऊमस से परेशान रहे.
बिजली कंपनी के अधिकारियों को मोबाइल पर फोन करते रहे, लेकिन कंपनी के अधिकारी फोन रिसीव करना उचित न समझे. यह हाल है बरौली पावर सब स्टेशन के सलेमपुर फीडर का. रविवार की शाम करीब साढ़े सात बारिश शुरू होते ही बिजली सप्लाइ बंद कर दी गयी.
कुछ देर बाद सलेमपुर फीडर में बढ़ेयां मोड़ के उत्तर तार टूट गया. नियमानुसार वहां से जंपर काट कर पीछे के उपभोक्ताओं को सप्लाइ दी जा सकती थी, लेकिन ऐसा करना अधिकारी और लाइनमैन ने मुनासिब नहीं समझा और दूसरे दिन 11-20 बजे दिन में बिजली सप्लाइ शुरू हुई.
एक माह में 235 घंटे सप्लाइ रही है बंद
सलेमपुर फीडर में यह पहली दफा नहीं है. एक जगह भी मामूली फाॅल्ट आता है तो पूरे फीडर की बिजली सप्लाइ रोक दी जाती है जिससे उपभोक्ता परेशान रहते हैं.
पहले मानव बन पैसे वसूलने का प्रयास करते हैं, फिर फाॅल्ट ठीक करते हैं. 30 दिनों के भीतर अकेले सलेमपुर फीडर में 235 घंटे बिजली सप्लाइ बाधित रही है.
मानव बल की है मनमानी, नहीं मिलते एसडीओ : सलेमपुर फीडर में मानव बल की मनमानी है.
इसका सबसे बड़ा कारण है संवेदक और मानव बल की कुछ खास गांव के प्रति भेदभाव रखना. ऐसे में मानव बल अपनी मनमर्जी से काम करते हैं. वहीं दूसरी ओर इसकी शिकायत एसडीओ पर करने पर मुश्किल से वे कभी फोन उठाते हैं, वहीं बरौली में उन्हें ढूंढ़ना भी टेढ़ी खीर है.
ऐसे में लगभग एक दर्जन गांवों के 42 सौ उपभोक्ता बिजली कंपनी के कर्मियों की अदूरदर्शिता से परेशान हैं. इस संबंध में जेइ राकेश कुमार ने कहा कि रात में तार टूटा था. जंपर काट कर पीछे के गांवों की बिजली चालू करने की बात लाइनमैन को कही गयी थी, लेकिन गलत साइट बता वह लाइन चालू नहीं की गयी.
