लश्कर कर चुका प्रमुख धार्मिक स्थलों का रेकी!

Published at :02 Feb 2018 5:16 AM (IST)
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लश्कर कर चुका प्रमुख धार्मिक स्थलों का रेकी!

चिंता . लश्कर-ए-तैयबा के स्लीपर सेल के सक्रिय सदस्यों ने उड़ायी सुरक्षा एजेंसियों की नींद गोपालगंज : लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम गोपालगंज में सोहैल खान बन कर एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर चुका है. उत्तर बिहार में लश्कर का स्लीपर सेल सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दिया है. नईम युवाओं का एक नेटवर्क […]

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चिंता . लश्कर-ए-तैयबा के स्लीपर सेल के सक्रिय सदस्यों ने उड़ायी सुरक्षा एजेंसियों की नींद
गोपालगंज : लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शेख अब्दुल नईम गोपालगंज में सोहैल खान बन कर एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर चुका है. उत्तर बिहार में लश्कर का स्लीपर सेल सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दिया है. नईम युवाओं का एक नेटवर्क बना कर सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती तैयार कर चुका है. अब लश्कर का स्लीपर सेल खंगालने में सुरक्षा एजेंसियों की टीम लगी हुई है. गोपालगंज से एक दिसंबर, 2017 को एनएसयूआई के बेदार बख्त उर्फ धन्नु राजा की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों को लश्कर के उत्तर बिहार में मजबूत नेटवर्क होने का खुलासा हुआ था. तभी से नईम से जुड़े युवाओं की गतिविधियों पर खुफिया एजेंसियां नजर रख रही हैं.
अब बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर परिसर में बरामद हुए बम का तार गोपालगंज से जुड़ने लगा है. सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े सूत्रों की मानें तो यूपी में जाने से पहले आतंकी शेख अब्दुल नईम बिहार के सैन्य अड्डों के अलावा प्रमुख धार्मिक स्थलों की रेकी कर चुका था, जिसमें बोधगया भी शामिल था. उसके बाद वह लखनऊ और वाराणसी के विभिन्न सैन्य और धार्मिक स्थलों की रेकी कर उसका वीडियो अपने आका को पाक में भेज चुका था. गोपालगंज में लश्कर का आतंकी शेख अब्दुल नईम खुद को शिक्षक बन कर एक आईआईएल में पढ़ाने लगा. कुछ दिनों बाद वह एक प्राइवेट स्कूल और उसके बाद स्मार्ट लर्नर एकेडमी खोलकर उसके पीछे अपने नेटवर्क को मजबूत करने में जुटा था. स्लीपर सेल तैयार होने की खुफिया जानकारी जब एनआईए को मिली तो फरवरी, 2017 में इसकी गतिविधियों पर सुरक्षा एजेंसियों ने नजर रखनी शुरू की. इस दौरान वह अपना काम करने के बाद यूपी जा चुका था.
लश्कर-ए-तैयबा का मजबूत नेटवर्क तैयार कर चुका था नईम
लश्कर कमांडर अमजद उर्फ रेहान के इशारों पर करता था काम
आतंकी नईम से जुड़े युवाओं का नेटवर्क बनी एक बड़ी चुनौती
उत्तर बिहार में लश्कर के स्लीपर सेल को खंगाल रहीं एजेंसियां
आतंकी नईम के मददगारों की कुंडली खंगाल रही एनआईए
आतंकी शेख अब्दुल नईम के मददगारों की कुंडली खंगालने में एनआईए की टीम जुटी हुई है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि देश के भीतर उसे कौन-कौन मदद कर रहा था. पूछताछ में न सिर्फ यूपी बल्कि बिहार और बंगाल में भी इसकी जड़ मजबूत होने की पुख्ता जानकारी मिली. जाहिर है कि आनेवाले दिनों में नईम से जुड़े अन्य आतंकियों व उसके समर्थकों की गिरफ्तारी हो सकती है. पूछताछ के साथ उसके नेटवर्क को भी सुरक्षा एजेंसियां खंगाल रही हैं. एनआईए से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नईम के मोबाइल फोन और बैंक एकाउंट की जांच की जा रही है, जो गिरफ्तारी के समय उसके पास से मिली थी.
पं बंगाल में गिरफ्तार हुआ था नईम
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आतंकी शेख अब्दुल नईम महाराष्ट्र के औरंगाबाद का रहने वाला है. वह सबसे पहले 2007 में पश्चिम बंगाल में गिरफ्तार किया गया था. उस समय वह दो पाकिस्तानी और एक कश्मीर आतंकी के साथ बांग्लादेश के रास्ते भारत में घुसा था. इसके साथ ही उसका नाम महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पकड़े गये हथियारों के जखीरे से भी जुड़ा था. 2014 में जब उसे पश्चिम बंगाल से महाराष्ट्र के मकोका अदालत में पेश करने के लिए ले जाया जा रहा था, वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकला.
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