पाकिस्तान से पहुंची बर्फीली हवा से कांप रहा उत्तर बिहार

Published at :01 Feb 2018 5:42 AM (IST)
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पाकिस्तान से पहुंची बर्फीली हवा से कांप रहा उत्तर बिहार

पहाड़ों से आ रही शीतलहर से बढ़ी गलन दोपहर बाद निकली धूप भी नहीं दे पा रही राहत गिरा पारा, छात्रों को कांपते हुए पहुंचना पड़ा स्कूल गोपालगंज : पाकिस्तान में बनी विक्षोभ कश्मीर के पहाड़ों पर बर्फबारी कराने के बाद बर्फीली हवा के रूप में उत्तर बिहार में पहुंची है. इससे लोग कांप उठे. […]

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पहाड़ों से आ रही शीतलहर से बढ़ी गलन

दोपहर बाद निकली धूप भी नहीं दे पा रही राहत
गिरा पारा, छात्रों को कांपते हुए पहुंचना पड़ा स्कूल
गोपालगंज : पाकिस्तान में बनी विक्षोभ कश्मीर के पहाड़ों पर बर्फबारी कराने के बाद बर्फीली हवा के रूप में उत्तर बिहार में पहुंची है. इससे लोग कांप उठे. हवा मैदानी क्षेत्र के लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया. पहाड़ों पर दो दिनों से हो रही बर्फबारी से सुबह और शाम कोहरा छाने के साथ ही सर्द हवा भी चल रही है. प्रतिघंटे 12 किमी की रफ्तार से हवा चल रही है. बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य की तुलना में 3.1 डिग्री सेल्सियस गिरकर 19.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया.
वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से एक डिग्री कम होकर 7.5 डिग्री सेल्सियस रहा. बुधवार की सुबह, शाम कोहरा छाने के साथ ही चल रही सर्द हवा से लोगों को दिन के साथ ही रात में सर्दी का एहसास होता रहा. दोपहर में सूर्य के दर्शन हुए तो लोगों को काफी राहत मिली. इस बारे में मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएन पांडेय ने बताया कि पाक से उठी विक्षोभ से पहाड़ों पर दो दिन से बर्फबारी हो रही है. उत्तर पश्चिमी हवा के कारण यह शीतलहर तीन दिन तक जारी रहने की संभावना है.
अभी सुबह, शाम कोहरा भी छाया रहेगा, जबकि दिन में धूप भी खिलेगी.
हाईवे पर लगा रहा ब्रेक : शीतलहर के कारण दिल्ली-गुवाहाटी हाईवे समेत जिले के विभिन्न सड़कों पर ब्रेक लगा रहा. कोहरे के कारण वाहनों का परिचालन पूरी तरह से ठप रहा. इस दौरान दृश्यता शून्य हो गया था. रात में 9.30 बजे से सुबह 10.30 बजे तक घना कोहरा के कारण वाहनों को सड़कों पर चलना मुश्किल था. यात्री बसों के काफी विलंब से पहुंचने से लोगों का कामकाज भी बाधित हो रहा है.
ठंड के बीच चंद्रग्रहण का लिया आनंद : ठंड के बीच साल का पहला चंद्रग्रहण का आनंद लोगों ने उठाया. चंद्रग्रहण के मौके पर रात में नारायणी नदी में स्नान, दान के अलावा गृहस्थों ने सुख-समृद्धि की कामना की. उधर, स्नान करने के साथ ही साधकों ने साधना किया और मंदिरों का पट बंद रहने और छह घंटे पहले से सुतक लगने के कारण साधकों ने विशेष याचना की. थावे के जंगल से लेकर कई शक्तिपीठों पर साधकों ने आराधना की.
पिछले पांच वर्षों में 31 जनवरी का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2013 23.1 11.6
2014 20.8 10.5
2015 21.6 12.5
2016 22.0 10.1
2017 22.4 12.1
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