विदेशों में शिफ्ट किया जा रहा था कारोबार!
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :27 Dec 2017 2:22 AM (IST)
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खुलासा l हादसे के बाद खुल रही पोल, बेच दी गयी है पेपर मिल की जमीन सासामुसा : अंग्रेजों के शासनकाल में सासामुसा में चीनी मिल के साथ दो पेपर मिल लगी थी. सासामुसा औद्योगिक इकाइयों के कारण जिले में अपना पहचान बनाया. 1990 के दशक में औद्योगिक इकाइयों पर ग्रहण छाने लगा. सासामुसा की […]
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खुलासा l हादसे के बाद खुल रही पोल, बेच दी गयी है पेपर मिल की जमीन
सासामुसा : अंग्रेजों के शासनकाल में सासामुसा में चीनी मिल के साथ दो पेपर मिल लगी थी. सासामुसा औद्योगिक इकाइयों के कारण जिले में अपना पहचान बनाया. 1990 के दशक में औद्योगिक इकाइयों पर ग्रहण छाने लगा. सासामुसा की दोनों पेपर मिल बंद हो गये. चीनी मिल भी लड़खड़ाने लगा. किसी तरह चीनी मिल चलता रहा. इस बीच 2015-16 की पेराई सत्र में सासामुसा चीनी मिल को चीनी का मूल्य कम होने और लागत अधिक होने के कारण हो रहे घाटा को देखते हुए. चीनी मिल प्रबंधन ने पेपर मिल की जमीन को बेच कर कारोबार समेटना शुरू कर दिया. चीनी मिल मालिक का एक बेटा खाबर अली उर्फ मुन्ना आस्ट्रेलिया में रहते हैं.
चीनी मिल से जुड़े सूत्रों की माने तो चीनी मिल के मालिक अपनी संपत्ति को बेच कर विदेशों में शिफ्ट करने में लगे थे. इस क्रम में मिल मालिक के बंगला के पीछे का पेपर मिल की जमीन पिछले दो साल के भीतर बेची जा चुकी है, जबकि हाइवे के किनारे के भी पेपर मिल को बेचने की बात कही जा रही है. पेपर मिल की मशीनों को पहले, उसके बाद जमीन बेच कर कारोबार को पूरी तरह से समेट लिया गया था. कारोबार को समेटने के पीछे क्या मंशा थी यह तो मिल मालिक ही जाने.
सासामुसा हाउस को भी बेचने की थी तैयारी
गोपालगंज शहर के जंगलिया स्थित सासामुसा हाउस को भी बेचने की तैयारी में चीनी मिल था. सासामुसा हाउस के सभी फ्लैटों पर प्रशासन के अधिकारी रहते है. हाउस की जमीन को बेचने की तैयारी जब भू माफियाओं को मिली तो जिले के भी माफिया 25 कट्ठा इस जमीन को किसी तरह लिखवाने की चकर में पड़ गये, लेकिन कानूनी पेच के कारण चीनी मिल इसे बेच नहीं सका.
किसानों का बकाया नहीं चुकाया
सासामुसा चीनी मिल के एरिया में कई जमीन थी. धीरे-धीरे इस जमीन को बेच कर चीनी मिल मालिक पूंजी को कहीं और शिफ्ट कर चुके हैं. जानकारों की माने तो चीनी मिल पर किसानों का 7.5 करोड़ से अधिक की राशि बकाया है तो बैंकों से लिये गये कर्ज भी करोड़ों का है. चीनी मिल जर्जर हो चुका है.
चीनी मिल को चलाने का दिया था भरोसा
जेल जाने से पहले सासामुसा चीनी मिल के मालिक महमूद अली ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा था कि किसान और मजदूरों का साथ मिला तो फिर से चीनी मिल चल पड़ेगी. मिल बंद करने का इरादा नहीं है. मेरे पूर्वजों का भरोसा किसानों के साथ जुड़ा हुआ है. किसानों के भरोसा को कभी नहीं तोड़ेंगे . लेिकन चीनी िमल हादसे के बाद मालिक जेल चला गया. इससे िमल को िफर से शुरू करने की कवायद पर ब्रेक लग गया है.
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