हिमालय से आ रही बर्फीली हवा ने बढ़ायी कंपकपी, छाया कोहरा

Published at :26 Dec 2017 6:18 AM (IST)
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हिमालय से आ रही बर्फीली हवा ने बढ़ायी कंपकपी, छाया कोहरा

आसमान में छाये रहेंगे बादल, घना होगा कोहरा गोपालगंज : हिमालय से आ रही बर्फीली हवा के चलते की तासीर बढ़ गयी है़ सोमवार को गलन भरी ठंड से लोग ठिठुरे रहे. सुबह घना कोहरा छाया रहा. हालांकि, दिन में बादल दिखे़ रविवार की रात से ही कोहरे ने वातावरण के निचले सतह पर अपना […]

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आसमान में छाये रहेंगे बादल, घना होगा कोहरा

गोपालगंज : हिमालय से आ रही बर्फीली हवा के चलते की तासीर बढ़ गयी है़ सोमवार को गलन भरी ठंड से लोग ठिठुरे रहे. सुबह घना कोहरा छाया रहा. हालांकि, दिन में बादल दिखे़ रविवार की रात से ही कोहरे ने वातावरण के निचले सतह पर अपना डेरा जमा लिया. कोहेरे के कारण पांच फुट तक ही दिखायी दिया़ इसके कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी रही़ यह स्थतित सोमवार की सुबह 11 बजे तक बनी रही. 10.30 बजे के बाद धूप निकलने से थोड़ी राहत हुई़ शाम 4.10 बजे के बाद ठंड बढ़ने लगी. मौसम विज्ञानी प्रो. एसएन पांडेय के अनुसार, गलन भरी ठंड कुछ और दिन बनी रहेगी. यह स्थिति हिमालय क्षेत्र से आ रही बर्फीली हवा से बनी है़ आसमान में हाई क्लाउड होने के कारण खिलकर धूप नहीं हो रही है.
पश्चिमी विक्षोभ से बढ़ेगी ठंड : मौसम विज्ञानी डॉ एसएन पांडेय के अनुसार, पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के ऊपर शनिवार की शाम पश्चिमी विक्षोभ बन गया, जिसके चलते वहां और उत्तराखंड में बारिश हो गयी. यह बारिश तब तक तो कम असरकारक थी जब तक हवा पूरब दिशा से चल रही थी. जैसे ही हवाओं का रुख बदला और वह उत्तर-पश्चिम से चलने लगी, बारिश की ठंड उत्तर बिहार के मैदानी इलाकों में भी पहुंच गयी. यह स्थिति अगले दो दिनों में भी जारी रहेगी़ इसलिए ठंड के बढ़ने के आसार है.
समय पर करें गेहूं की सिंचाई : सिपाया कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानी डॉ राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में और गिरावट होने से ठंड व गलन बढ़ेगी. किसानों को सुझाव दिया कि वे समय से गेहूं की फसल की सिंचाई कर दें. राई व सरसों की बेहतर व उन्नत प्रजातियों की बोआई जल्द करने का सुझाव दिया.
10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चल रही हवा
हवा की गति आठ से 10 किलोमीटर होने की वजह से ठंड और बढ़ गयी और इसने अधिकतम तापमान को गिरा दिया. अधिकतम तापमान जो तीन दिन पहले 26 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया था, वह गिरकर 21.3 डिग्री हो गया. वहीं, न्यूनतम तापमान 9.1 पर पहुंच गया. ठंड बढ़ाने में वातावरण में मौजूद नमी का भी भरपूर योगदान रहा. सोमवार को अधिकतम आद्रता 93 फीसदी तो न्यूनतम आद्रता 65 फीसदी रिकार्ड की गयी.
पिछले पांच वर्षों में 25 दिसंबर का तापमान
वर्ष अधिकतम न्यूनतम
2012 16.9 7.6
2013 15.1 8.3
2014 14.0 6.2
2015 14.9 8.5
2016 15.6 7.4
2017 21.3 9.1
(तापमान डिग्री सेल्सियस में)
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