आसमान के नीचे पढ़ने की मजबूरी

Published at :21 Dec 2017 4:46 AM (IST)
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आसमान के नीचे पढ़ने की मजबूरी

मांझा : प्रखंड की देवापुर शेखपुर्दिल पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, शहाबुद्दीन टोले की स्थापना 2006 में हुई थी. करीब एक साल पहले भवन के लिए जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गयी है, लेकिन अब तक भवन नहीं बना है. स्कूल की कक्षा एक से लेकर पांच में 117 छात्र व छह शिक्षक हैं. […]

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मांझा : प्रखंड की देवापुर शेखपुर्दिल पंचायत के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, शहाबुद्दीन टोले की स्थापना 2006 में हुई थी. करीब एक साल पहले भवन के लिए जमीन की रजिस्ट्री भी कर दी गयी है, लेकिन अब तक भवन नहीं बना है. स्कूल की कक्षा एक से लेकर पांच में 117 छात्र व छह शिक्षक हैं. भवन नहीं रहने से ठंड में भी आसमान के नीचे बैठ कर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. इसके अलावा एमडीएम का चूल्हा भी आसमान के नीचे हैं, जिस पर दो रसोइया खाना बनाती हैं. हेडमास्टर विजेंद्र कुमार ने बताया कि भवन के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, लेकिन राशि नहीं मिली है.

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