जगीरीटोला . गंडक का तेजी से बढ़ रहा जल स्तर, निचले इलाकों में तबाही

Published at :13 Aug 2017 4:44 AM (IST)
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जगीरीटोला . गंडक का तेजी से बढ़ रहा जल स्तर, निचले इलाकों में तबाही

गंडक नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. निचले इलाके में रहनेवाले तीन दर्जन गांव पिछले दो दिनों से बाढ़ का संकट झेल रहे हैं. नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है. गोपालगंज : गंडक नदी में आये उफान के कारण सदर प्रखंड, कुचायकोट, बरौली व मांझा प्रखंडों के तीन […]

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गंडक नदी का जल स्तर तेजी से बढ़ रहा है. निचले इलाके में रहनेवाले तीन दर्जन गांव पिछले दो दिनों से बाढ़ का संकट झेल रहे हैं. नदी का कटाव थमने का नाम नहीं ले रहा है.

गोपालगंज : गंडक नदी में आये उफान के कारण सदर प्रखंड, कुचायकोट, बरौली व मांझा प्रखंडों के तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं. यहां हजारों की आबादी कुप्रभावित हुई है. वहीं दूसरी तरफ सदर प्रखंड के जगीरीटोला पंचायत भवन के नदी में समाने के बाद नदी का कटाव स्कूल पर पहुंच गया. प्राथमिक विद्यालय का आधा भवन नदी में विलीन हो चुका है. जिस रफ्तार से नदी का दबाव बना हुआ है अगले 24 घंटे में स्कूल का नामो निशान भी मिटने की आशंका है.
यहां बचाव कार्य कर पाने में बाढ़ नियंत्रण विभाग ने हाथ खड़े कर दिये हैं. शनिवार की दोपहर तक पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से 1.98 लाख क्यूसेक पानी गंडक नदी में डिस्चार्ज किया गया है.
इससे रविवार को गंडक नदी और तबाही मचा सकती है. दियारा के कटघरवा, मेहदिया, जगीरीटोला, मकशुदपुर, खाप, निरंजना, मांझा के निमुइया, मांघी, मंगुरहा समेत तीन दर्जन से अधिक गांव बाढ़ से कुप्रभावित हैं. गांव में अफरातफरी का माहौल है. लोग अपने-अपने घरों से सामान आदि को सुरक्षित करने में जुटे हुए हैं.
गांवों में घुसा बाढ़ का पानी: बैकुंठपुर. प्रखंड क्षेत्र के निचली भू-भाग पर बसर करनेवाले दियारे के चार गांवों में बाढ़ का पानी शनिवार को प्रवेश कर गया है. जिन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश करने की सूचना है उनमें शीतलपुर, पकहां, खोम्हारीपुर व सलेमपुर शामिल हैं. चारों गांव पूरी तरह टापू में तब्दील हो गये हैं. प्रखंड मुख्यालय से लोगों का सड़क संपर्क पूरी तरह भंग हो चुका है. लोग अपने दैनिक कार्यों के निबटारे के लिए नाव का सहारा ले रहे हैं. बाढ़ का पानी महारानी, आशाखैरा, प्यारेपुर बिन टोली सहित दर्जन भर गांवों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. मालूम हो कि गंडक नदी के गर्भ में बसे इन गांवों में प्रत्येक वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है.
बाढ़ नियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि डिस्चार्ज लेवल बढ़ने से नदी का जल स्तर फिलहाल तेजी से बढ़ रहा है. वैसे जिले में फिलहाल बाढ़ का खतरा नहीं है. तटबंधों पर बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरी तरह निगरानी रख रहा है. जल स्तर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत देखी जा रही है. सदर अनुमंडल पदाधिकारी शैलेश कुमार दास ने बताया कि बाढ़ से निबटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर अलर्ट जारी है.
भसही में कई घरों में घुसा बाढ़ का पानी : सासामुसा. कुचायकोट प्रखंड की कालामटिहनिया पंचायत में नदी का दबाव बढ़ता जा रहा है. भसही गांव में जहां पानी लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है,
वहीं गांव पूरी तरह से बाढ़ की पानी से घिर चुका है. लोगों के आने-जाने का मार्ग अवरुद्ध हो चुका है. वहीं दूसरी तरफ खरगौली गांव के समीप नदी तेजी से कटाव कर रही है. नदी के निशाने पर विशंभरपुर, आंगनबाड़ी केंद्र, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मध्य विद्यालय भी हैं. नदी के रुख से प्रखंड के एक दर्जन से अधिक गांवों के लोगों की नींद उड़ गयी है.
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