अपराधियों की गिरफ्तार के लिए बनी एसआइटी

रेलवे ट्रैकमैन की हत्या के मामले की जांच करने एसएसपी पहुंचे घटनास्थल
अपराधियों की गिरफ्तार के लिए बनी एसआइटी रेलवे ट्रैकमैन की हत्या के मामले की जांच करने एसएसपी पहुंचे घटनास्थल फोटो- गया रोशन- 170- घटनास्थल पर सिटी एएसपी से बातचीत करते एसएसपी. मुख्य संवाददाता, गया गया रेलवे स्टेशन स्थित इंस्पेक्टर कॉलोनी के ए ब्लॉक के क्वार्टर 416 में रहनेवाले रेलवे ट्रैकमैन संजय कुमार की हत्या की छानबीन करने सोमवार को एसएसपी आशीष भारती घटनास्थल पहुंचे और वहां मौजूद सिटी एएसपी पारसनाथ साहू, सिविल लाइंस थानाध्यक्ष शमीम अहमद सहित टेक्निकल सेल के पुलिस पदाधिकारियों के साथ काफी देर तक विचार-विमर्श किया और इस हत्याकांड में अबतक की गयी छानबीन से संबंधित हर बिंदुओं पर जानकारी लेते हुए आवश्यक निर्देश दिये. इस मामले को एसएसपी ने गंभीरता से लेते हुए हत्याकांड के खुलासे को लेकर सिटी एएसपी पारसनाथ साहू के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया. 26 अप्रैल की शाम सात बजे के बाद से बंद है मोबाइल जानकारी के अनुसार, शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र के तेलबिगहा मुहल्ले के रहनेवाले रेलवे ट्रैकमैन संजय कुमार की हत्या से जुड़ी कर कड़ी को जोड़ते हुए पुलिस टीम छानबीन कर रही है. अबतक पुलिस टीम को मिली जानकारी के अनुसार, ट्रैकमैन का मोबाइल फोन 26 अप्रैल की शाम करीब सात बजे तक चालू था. इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद है. लेकिन, पुलिस टीम को उसका मोबाइल फोन भी नहीं मिला है. इधर, उसके मोबाइल फोन का सीडीआर भी टेक्निकल सेल की पुलिस ने निकाल लिया है और अप्रैल व मार्च महीनों में जिन-जिन लोगों से ट्रैकमैन को बातचीत हुई थी, उन सभी लोगों की वास्तविक पहचान जुटाने में पुलिस टीम लगी है. महिला समेत कई लोग हिरासत में है. लगातार पूछताछ चल रही है. चार वर्षों से पत्नी से चल रहा था विवाद पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेलवे ट्रैकमैन संजय कुमार अपने परिवार में चार भाई व तीन बहन हैं. उसे दो बेटे भी हैं. एक बेटा नयी दिल्ली में पढ़ता है और छोटा बेटा पटना में पढ़ता है. बेटों से इसका अच्छा रिलेशन था. लेकिन, विगत चार वर्षों से पत्नी से रिश्ता खराब चल रहा था. इस कारण उनकी पत्नी अपने मायके पटना में रह रही थी. पास-पड़ोसियों से पुलिस टीम को मिली जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैकमैन के क्वार्टर में किसी कामकाज के सिलसिले को लेकर 22 वर्षीया युवती का आना-जाना लगा रहता था. इस युवती का नाम आते ही पुलिस टीम का ध्यान उससे पूछताछ करने की ओर चला गया है. पुलिस यह जानकारी जुटाने में लगी है कि वह युवती कौन है और रेलवे ट्रैकमैन के क्वार्टर में क्यों आती थी. 26 अप्रैल को ट्रैकमैन अपने छोटे बेटे से मिलने पटना भी गया था. इसके बाद वह ट्रेन से गया लौटा भी. क्वार्टर में लौटने के बाद अपने बेटे को कॉल किया था. लेकिन, कुछ तकनीकी गड़बड़ी होने के बेटे से बातचीत नहीं हो सकी. कुछ देर बाद उसका बेटा अपने पिता को कॉल किया, तो उसका मोबाइल फोन स्विच ऑफ बताने लगा. लगातार स्विच ऑफ रहने के बाद उनके बेटे को कुछ अनहोनी की आशंका हुई. तब वह गया पहुंचा और बेटे को सूचना दी. घर बिकने के बाद ट्रैकमैन को मिली थी बड़ी रकम पुलिस टीम को जानकारी मिली है कि एक घर बिकने के कारण रेलवे ट्रैकमैन को उसके हिस्से की एक बड़ी रकम उसे मिली थी. इस बिंदु पर भी पुलिस टीम छानबीन कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि वह रकम किस खाते में आयी थी और वे रुपये कब और किस बैंक से निकासी की गयी. क्या इसके खाते से किसी दूसरे के खाते में भी रुपये ट्रांसफर किया गया है, तो वह खाता किसका है. उसकी पहचान करने में भी पुलिस टीम जुटी है, ताकि उससे पूछताछ हो सके. क्या कहते हैं थानाध्यक्ष सिविल लाइंस थानाध्यक्ष शमीम अहमद ने बताया कि पीड़ित परिजनों के बयान के आधार पर हत्याकांड को लेकर प्राथमिकी कांड संख्या 218/24 दर्ज कर ली गयी है. साथ ही कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. इसमें कुछ महिलाएं भी शामिल हैं. जल्द ही हत्याकांड का खुलासा हो जायेगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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