डोभी सीएचसी की बदहाल व्यवस्था का मामला विधानसभा में उठा, विधायक उदय सिंह ने डॉक्टरों की कमी और अवैध कब्जे पर मांगा जवाब

विधानसभा में जांच की मांग करते हुये विधायक | Prabhat Khabar Network
शेरघाटी विधायक उदय कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा में डोभी सीएचसी की गंभीर स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. डॉक्टरों की कमी, अवैध कब्जे और मरीजों की बढ़ती परेशानी को लेकर उन्होंने सरकार से कड़ा जवाब मांगा है.
Gaya Ji News : शेरघाटी विधायक उदय कुमार सिंह ने बिहार विधानसभा में गत बैठक में गया जिले के डोभी सीएचसी की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार से कड़ा जवाब मांगा. विधायक ने कहा कि क्षेत्र की जनता, विशेषकर गरीब और ग्रामीण परिवार गंभीर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव से जूझ रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है.
विधायक ने सदन में बताया कि डोभी सीएचसी में महिला विशेषज्ञ चिकित्सकों की भारी कमी है. महिला रोगियों को नियमित जांच एवं परामर्श के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इसके साथ ही एक्स-रे एवं अल्ट्रासाउंड तकनीशियन न होने के कारण कई मामलों में इलाज में देरी हो रही है और मरीज निजी क्लीनिकों की ओर जाने को मजबूर हो रहे हैं.
सीएचसी के द्वितीय तल पर अवैध कब्जे की उच्चस्तरीय जांच की मांग
डोभी सीएचसी के द्वितीय तल पर अवैध कब्जे का मुद्दा भी विधायक ने गंभीरता से उठाया. उन्होंने उच्चस्तरीय जांच कराए जाने तथा दोषी पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की तत्काल मांग की.
विधायक ने कहा कि यदि कब्जा हटाया गया और आवश्यक संसाधन बहाल कर दिए गए, तो स्थानीय अस्पताल अपनी सेवाएं फिर से सामान्य रूप से दे सकेगा.
जनता के अधिकारों के लिए सदन से सड़क तक जारी रहेगा संघर्ष: विधायक
उदय कुमार सिंह ने कहा, "जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है." उन्होंने आश्वासन दिया कि शेरघाटी विधानसभा की जनता के अधिकार और सम्मान के लिए सदन से सड़क तक संघर्ष जारी रहेगा.
विधायक ने स्वास्थ्य विभाग से शीघ्र प्रभावी पहल करने और डोभी सीएचसी में डॉक्टरों, तकनीशियनों व आवश्यक दवाइयों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का आग्रह किया.
अवैध नर्सिंग होम के संचालन पर ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों ने भी विधायक के समर्थन में आवाज उठाई और कहा कि डोभी प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों अवैध नर्सिंग होम संचालित हैं, जिनमें आए दिन मरीजों की मौत हो रही है और प्रशासन चुप्पी साधे रहता है.
स्वास्थ्य अधिकारों की रक्षा और क्षेत्रीय स्वास्थ्य सुविधाओं की त्वरित बहाली के लिए राजनीति से ऊपर उठकर समाधान की उम्मीद जताई जा रही है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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