शेरघाटी : 112 साल पुराने रंगलाल स्कूल को मिला मॉडल स्कूल का दर्जा, लेकिन शिक्षकों की कमी बनी छात्रों की सबसे बड़ी चिंता

Updated:
विज्ञापन
रंगलाल विद्यालय में लगा पत्थर स्थापना कल को दर्शाते हुए | Prabhat Khabar Network

रंगलाल प्लस टू विद्यालय परिसर में लगा स्थापना शिलापट्ट | Prabhat Khabar Network

Gaya Ji News : शेरघाटी का 112 साल पुराना ऐतिहासिक रंगलाल प्लस टू विद्यालय अब बिहार सरकार के मॉडल स्कूल के रूप में नई पहचान बना चुका है. हालांकि, शिक्षकों की भारी कमी इस उपलब्धि पर सवालिया निशान लगा रही है, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है.

विज्ञापन

Gaya Ji News : शेरघाटी का 112 वर्ष पुराना ऐतिहासिक रंगलाल प्लस टू विद्यालय अब बिहार सरकार के मॉडल स्कूल के रूप में नई पहचान हासिल कर चुका है. रविवार को इसका उद्घाटन 'सरस्वती विद्या निकेतन' के रूप में किया गया.

आधुनिक सुविधाओं से लैस इस विद्यालय को मॉडल स्कूल का दर्जा मिलने से छात्रों और अभिभावकों में खुशी है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी इस उपलब्धि पर सवाल खड़े कर रही है. विद्यार्थियों को आशंका है कि पर्याप्त शिक्षक नहीं मिलने से इस वर्ष भी कई विषयों का सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो सकेगा.

इन महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक नहीं

29 सितंबर 1914 को स्थापित इस ऐतिहासिक विद्यालय में वर्तमान में कक्षा नौवीं से 12वीं तक करीब 1050 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इसके बावजूद गणित, अंग्रेजी, संस्कृत, फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी, उर्दू, भूगोल, फिलॉसफी, साइकोलॉजी और सोशियोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं.

इससे नियमित कक्षाएं संचालित करने और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने में कठिनाई हो रही है. विद्यालय में नौवीं और दसवीं कक्षा के लिए मात्र आठ शिक्षक तथा 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए 10 शिक्षक पदस्थापित हैं. इनमें भी कई विषयों के शिक्षक नहीं होने के कारण छात्रों को वैकल्पिक व्यवस्था के भरोसे पढ़ाई करनी पड़ रही है.

छात्रों और प्रधानाध्यापक का पक्ष

विद्यालय के छात्र आशीष कुमार, रंजन कुमार, प्रिंस कुमार और हृदय कुमार ने बताया कि शिक्षकों की कमी वर्षों से बनी हुई है. हर साल कई विषयों का सिलेबस अधूरा रह जाता है, जिससे बोर्ड परीक्षा की तैयारी प्रभावित होती है.

छात्रों का कहना है कि सरकार ने विद्यालय को मॉडल स्कूल का दर्जा देकर अच्छी पहल की है, लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तभी संभव होगी जब सभी विषयों के शिक्षक उपलब्ध कराए जाएंगे.

इधर, विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विभिन्न विषयों में शिक्षकों की कमी से संबंधित प्रतिवेदन जिला के वरीय अधिकारियों को भेज दिया है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग जल्द ही आवश्यक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति या पदस्थापन करेगा, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से संचालित हो सके और मॉडल स्कूल की परिकल्पना धरातल पर उतर सके.

Also Read : गया जी में विष्णुपद कॉरिडोर के साथ दशावतार मंदिर की तैयारी, भगवान विष्णु के 10 रूपों की लगेगी मूर्ति


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन