गया जी़ इमामगंज थाना क्षेत्र के बरहेत निवासी तथा मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के न्यूरो सर्जरी विभाग में पदस्थापित प्रोफेसर व विभागाध्यक्ष डॉ सत्येंद्र कुमार और उनकी पत्नी विभा कुमारी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने तथा हत्या की धमकी देने के मामले में गया जी पुलिस सक्रिय हो गयी है. शनिवार को सिटी डीएसपी धर्मेंद्र भारती मगध मेडिकल थाना पहुंचे और थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार तथा इस कांड के अनुसंधान पदाधिकारी कल्लू रजक के साथ बैठक की. बैठक के दौरान रंगदारी मामले में अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा की गयी. साथ ही जिस मोबाइल नंबर से डॉक्टर दंपती से रंगदारी की मांग की गयी थी, उसके कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की गयी. पुलिस टीम ने विस्तृत जानकारी के लिए डॉ सत्येंद्र कुमार से संपर्क साधा और गया जी शहर पहुंचने पर सूचना देने का आग्रह किया. पूरे दिन पुलिस टीम डॉ सत्येंद्र कुमार का इंतजार करती रही. देर शाम पुलिस को जानकारी मिली कि डॉ सत्येंद्र कुमार इमामगंज में हैं. रात करीब साढ़े सात बजे डॉ सत्येंद्र कुमार ने मगध मेडिकल थाना पुलिस को फोन कर बताया कि वह इमामगंज से लौट चुके हैं, लेकिन उनकी पत्नी पटना में अकेली हैं और उन्हें पटना भी जाना है. इस पर पुलिस टीम ने उन्हें अगले दिन थाने आने की बात कही. इधर, अनुसंधान पदाधिकारी कल्लू रजक अपनी टीम के साथ मगध कॉलोनी रोड नंबर सात स्थित डॉ सत्येंद्र कुमार के क्लिनिक विभा न्यूरो पहुंची और वहां छानबीन की. पुलिस को जांच में यह भी पता चला है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने अपना नाम भगत सिंह बताया है. हालांकि, जिस सिम कार्ड से धमकी दी गयी, वह किसी अन्य नाम से खरीदा गया है. पुलिस को आशंका है कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर सिम कार्ड लिया गया है. मगध मेडिकल थानाध्यक्ष कृष्ण कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर मामले के हर बिंदु पर गहन जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द ही किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी.
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