Gaya News: 13 वर्षों से फरार नक्सली औरंगाबाद से हुआ गिरफ्तार, 100 से अधिक मामलों में चल रही थी तलाश

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 02 Feb 2025 8:11 PM

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गिरफ्तार नक्सली रामप्रवेश यादव

Gaya News: गया पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. एएसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 13 वर्षों से फरार चल रहे नक्सली को औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया है.

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Gaya News: एएसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि 100 से अधिक कांडों में 13 वर्षों से फरार चल रहे नक्सली को आमस पुलिस ने औरंगाबाद जिले के मदनपुर से गिरफ्तार किया गया है. रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने इस बात की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि गया पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि कई कांडों में वांछित व फरार चल रहा नक्सली औरंगाबाद जिले के सलैया थाना क्षेत्र के राजाबिगहा गांव का रामप्रवेश यादव फिलहाल मदनपुर इलाके में है. सूचना के बाद एसएसपी ने तत्काल एक विशेष टीम गठित की. इसमें शेरघाटी एएसपी शैलेंद्र सिंह के साथ आमस थाने की पुलिस एवं अन्य कर्मियों को शामिल किया गया.

पुलिस को देख कर भागने लगा था रामप्रवेश यादव

एएसपी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मदनपुर छापेमारी करने पहुंची, तो एक व्यक्ति पुलिस बल को देखकर भागने का प्रयास करने लगा. सशस्त्र बल के सहयोग से उसे पकड़ लिया गया. जब उससे पूछताछ की गयी, तो उसने अपना नाम रामप्रवेश यादव बताया. उन्होंने बताया कि रामप्रवेश यादव के खिलाफ आमस थाना कांड संख्या 88/11 दर्ज है.

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दर्जन भर से अधिक ट्रकों में लगा दी थी आग

रामप्रवेश ने 17 जून 2011 को जीटी रोड पर हथियार का भय दिखाकर ट्रकों से लूटपाट की घटना को अंजाम दिया था. इसके साथ ही दर्जन भर से अधिक ट्रकों में आग लगा दी थी. इस पर आर्म्स एक्ट 17 सीएलए सहित विभिन्न संगीत धाराओं में औरंगाबाद जिले के मदनपुर, सलैया, गोह, रफीगंज, ढिबरा, देव, पौथु, गया जिला के आमस, रोशनगंज थाना में 17 सीएलए एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज है. एएसपी ने कहा कि नक्सली ने उक्त घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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