गया जी: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 13 जुलाई तक आवेदन, जानिए किसे मिलेगा अवार्ड, क्या है प्रक्रिया

Author Haribansh kumar|Edited by Rajeev Kumar
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शिक्षका का सांकेतिक फोटो.

शिक्षका का सांकेतिक फोटो.

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए ऑनलाइन स्व-नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है. पात्र शिक्षक 13 जुलाई तक अपना आवेदन आधिकारिक पोर्टल पर जमा कर सकते हैं.

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National Teachers' Award : राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार (नेशनल टीचर्स अवॉर्ड) 2026 के लिए पात्र शिक्षकों के ऑनलाइन स्व-नामांकन को लेकर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. शिक्षा विभाग ने अधिक से अधिक योग्य शिक्षकों को आवेदन के लिए प्रेरित करने को कहा है. स्व-नामांकन की प्रक्रिया 10 जुलाई तक चलेगी, जबकि आवेदन 13 जुलाई 2026 तक अंतिम रूप से जमा किया जा सकेगा.

उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलता है राष्ट्रीय सम्मान

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार उन शिक्षकों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने समर्पण, नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों के माध्यम से विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार किया हो. साथ ही विद्यार्थियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालते हुए राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो.

10 जुलाई तक स्व-नामांकन, 13 तक अंतिम सबमिशन

शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल पर ऑनलाइन स्व-नामांकन की प्रक्रिया 15 जून से शुरू होकर 10 जुलाई 2026 तक चलेगी. आवेदन करने वाले शिक्षक 13 जुलाई 2026 तक अपने आवेदन को अंतिम रूप से जमा (फाइनल सबमिट) कर सकेंगे.

डीईओ और डीपीओ को दिए गए विशेष निर्देश

स्टेट प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (डीपीओ) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में पात्र शिक्षकों को इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए आवेदन करने हेतु प्रेरित करें। साथ ही आवेदन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के लिए आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करें.

अधिक से अधिक शिक्षकों को आवेदन के लिए करें प्रेरित

शिक्षा विभाग ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित करने का सर्वोच्च मंच है. इसलिए सभी जिलों में योग्य शिक्षकों को इस अवसर का लाभ उठाने के लिए जागरूक और प्रोत्साहित किया जाए, ताकि राज्य के अधिक से अधिक शिक्षक इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चयनित हो सकें.

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