डेंगू को लेकर निगम व स्वास्थ्य विभाग सतर्क

Published by : JITENDRA MISHRA Updated At : 31 Jul 2025 5:22 PM

विज्ञापन

शहर में अब तक नहीं मिला है मरीज, मगध मेडिकल में एक मरीज भर्ती

विज्ञापन

शहर में अब तक नहीं मिला है मरीज, मगध मेडिकल में एक मरीज भर्ती

पिछले वर्ष सबसे अधिक शहर से आये थे डेंगू के मरीज

एलाइजा टेस्ट के बाद डेंगू पॉजिटिव माने जाते हैं पीड़ित

वरीय संवाददाता, गया जी.

डेंगू से लोगों को सतर्क करने को लेकर लगातार स्वास्थ्य विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है. ग्रामीण इलाकों में दवा का छिड़काव व फाॅगिंग का काम स्वास्थ्य विभाग और शहरी इलाके में निगम करा रहा है. इसके बाद भी लोगों की ओर से हर स्तर पर सतर्कता बरतने में लापरवाही की जा रही है. ऐसे देखा जाये, तो शहरी इलाके में पिछले वर्ष अगस्त माह में ही डेंगू के मरीज सामने आये थे. इसको लेकर स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार ही काम कर रही है. ताकि, लोगों को बीमारी से बचाया जा सके. इस वर्ष अब तक एक परैया, एक अतरी व चार औरंगाबाद के मरीज मगध मेडिकल के डेंगू वार्ड में भर्ती किये गये हैं. इसमें पांच मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिलने पर छुट्टी दे दी गयी, तो फिलहाल एक मरीज का वार्ड में इलाज चल रहा है. अस्पताल में इलाज का बेहतर इंतजाम किया गया है. अस्पताल परिसर में ब्लड सेपरेशन यूनिट होने के चलते अब प्लेटलेट्स कम रहने के कारण मरीज को रेफर नहीं किया जाता है. पिछले वर्ष इस बीमारी से पीड़ित की संख्या सिर्फ शहर में 200 से अधिक थी. कई मुहल्लों को हाट-स्पॉट भी घोषित कर दिया गया था़

एलाइजा जांच के बाद ही रोग होता है कंफर्म

मरीज के डेंगू संक्रमण का लक्षण मिलने के बाद उसकी जांच कीट से तुरंत की जाती है. पॉजिटिव आने के बाद मरीज का एलाइजा टेस्ट भी किया जाता है. एलाइजा जांच में पॉजिटिव आने के बाद ही डेंगू कंफर्म माना जाता है. अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, जिले में एलाइजा जांच सदर हॉस्पिटल व मगध मेडिकल में ही होती है. प्राइवेट में इस जांच की सुविधा किसी के पास नहीं है.

डेंगू के मुख्य लक्षण

– तेज बुखार

– बदन, सिर व जोड़ों में दर्द

– आंखों के पीछे दर्द

– त्वचा पर लाल धब्बे या चकते का निशान

– नाक, मसूढ़ों से उल्टी के साथ खून बहना

– पैखाने का रंग काला

क्या कहते हैं अधिकारी

एलाइजा टेस्ट के बाद ही डेंगू कंफर्म माना जाता है. यहां डेंगू के इलाज की सुविधा बेहतर है. मेडिकल कॉलेज में इसके लिए अलग वार्ड बनाया गया है. शहर में हर वर्ष अगस्त माह में ही मरीज सामने आते हैं. लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

डॉ एमइ हक, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी B

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
JITENDRA MISHRA

लेखक के बारे में

By JITENDRA MISHRA

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन