गया जी: जीटी रोड किनारे चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, झोपड़ीनुमा दुकानों को हटाया गया

जीटी रोड के किनारे से हटाया गया अतिक्रमण अतिक्रमण हटाने में जुटा जेसीबी मशीन और भारी संख्या में तैनात पुलिस बल | Prabhat Khabar Network
शेरघाटी में जीटी रोड किनारे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया. दुकानदारों ने कार्रवाई में भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुनर्वास की मांग की है.
Gaya ji News : शेरघाटी में नेशनल हाइवे अथॉरिटी (एनएचएआई) ने स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में गुरुवार को जीटी रोड के किनारे अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया. पुलिस बल की तैनाती के बीच सड़क किनारे बनी अस्थायी दुकानें और झोपड़ीनुमा ढांचे हटाए गए. प्रशासन ने इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों और हाइवे सुरक्षा से जुड़ी कार्रवाई बताया, जबकि प्रभावित दुकानदारों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए पुनर्वास की मांग उठाई.
Gaya ji News : पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
अभियान के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। जेसीबी की मदद से जीटी रोड किनारे बने अस्थायी ढांचे और झोपड़ीनुमा दुकानों को हटाया गया। प्रशासन ने पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो।
अतिक्रमण हटने के बाद खाली जगह पर लगेगा पौधा
अभियान का नेतृत्व कर रही सीओ उषा कुमारी ने बताया कि हाइवे की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई की गाइडलाइन के अनुसार अतिक्रमण हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में की जा रही है. जीटी रोड के दोनों ओर लगभग 70 फुट तक किसी भी प्रकार का अतिक्रमण नहीं रहने दिया जाएगा. अतिक्रमण हटने के बाद खाली कराई गई जमीन पर पौधरोपण भी कराया जाएगा.
Gaya ji News : दुकानदारों ने लगाया भेदभाव का आरोप
कार्रवाई से प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया. उनका कहना था कि दुकानें और सामान हटाने के लिए उन्हें बहुत कम समय दिया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. उनका आरोप है कि सड़क किनारे स्थित पेट्रोल पंप और अन्य स्थायी प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि केवल गरीब दुकानदारों की झोपड़ीनुमा दुकानों को बार-बार निशाना बनाया जाता है.
पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
प्रभावित दुकानदारों ने प्रशासन से पुनर्वास और वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने की मांग की. उनका कहना है कि वर्षों से सड़क किनारे दुकान लगाकर वे अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. अचानक हुई कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है. वहीं प्रशासन का कहना है कि हाइवे को अतिक्रमण मुक्त रखना सड़क सुरक्षा और जनहित के लिए आवश्यक है.
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