पनशालाएं नदारद, 42 डिग्री तापमान में 10 रुपये गिलास पानी पीने को मजबूर शहर

Published by :PRANJAL PANDEY
Published at :18 Apr 2026 10:18 PM (IST)
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पनशालाएं नदारद, 42 डिग्री तापमान में 10 रुपये गिलास पानी पीने को मजबूर शहर

गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं और तापमान 42 डिग्री के पार जा चुका है. आसमान से आग बरस रही है, लेकिन शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों से प्यास बुझाने वाली नगर निगम की पनशालाएं पूरी तरह से नदारद हैं.

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गया जी. गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिये हैं और तापमान 42 डिग्री के पार जा चुका है. आसमान से आग बरस रही है, लेकिन शहर के चौक-चौराहों, बस स्टैंड और बाजारों से प्यास बुझाने वाली नगर निगम की पनशालाएं पूरी तरह से नदारद हैं. जिस समय प्रशासन को मुस्तैदी से लोगों के लिए पानी का इंतजाम करना चाहिए था, उस समय निगम के अधिकारी केवल कागजी दावों और इंतजाम किया जा रहा है जैसे खोखले आश्वासनों के सहारे शहर को प्यासा मार रहे हैं. भीषण गर्मी और निगम की लापरवाही के कारण बोतलबंद पानी और ठंडे पानी के ठेलों का व्यापार शहर में चरम पर है. चौराहों पर 10 रुपये में एक गिलास नींबू पानी बेचा जा रहा है. बोतलबंद पानी के एक होलसेल दुकानदार ने बेबाकी से स्वीकारा कि बाहर से आने वाले और स्थानीय लोगों की मांग मिलाकर हर दिन शहर में 10 ट्रक बोतलबंद पानी की खपत हो रही है. रोजाना करीब 20 से 22 लाख रुपये का सिर्फ पानी बिक रहा है. आम दिनों की तुलना में यह आंकड़ा दोगुना है.

नगर निगम का अपना वाटर एटीएम खराब, शहर को पानी पिलाने का दावा

नगर निगम के काम करने के तरीके का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खुद निगम कार्यालय परिसर में लगा वाटर एटीएम महीनों से कबाड़ बना पड़ा है. सिकरिया मोड़ बस स्टैंड पर मौजूद यात्री महेश दास की पीड़ा इस व्यवस्था की पोल खोलती है. उनका कहना है कि बस स्टैंड पर चापाकल या पानी का कोई और इंतजाम नहीं है. पिछले साल निगम की पनशाला से राहत मिलती थी, लेकिन इस बार पानी खरीद कर पीना ही इकलौती मजबूरी है. होटलों में भी बिना कुछ खरीदे या खाये पानी देने से मना किया जा रहा है.

रैन बसेरा में और भी बदतर हालात

गांधी मैदान स्थित रैन बसेरा, जो असहाय और गरीब लोगों का सहारा है, वहां की स्थिति और भी भयावह है. हर वर्ष गर्मी बढ़ते ही यहां कूलर और पानी का पुख्ता इंतजाम किया जाता था. लेकिन इस बार कूलर तो दूर की बात है, पानी के लिए लगायी गयी वाटर प्यूरिफायर मशीन भी खराब पड़ी है. रात के समय यहां रुकने वाले लोगों को प्यास लगने पर पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ता है.

अधिकारियों के दावे

निगम के उप नगर आयुक्त शशिकांत का कहना है कि किसी को गर्मी में पानी के लिए परेशान नहीं होने दिया जायेगा. समय रहते जगह-जगह पनशाला व अन्य माध्यम से सुविधा दी जायेंगी. निगम का दावा है कि एपी कॉलोनी में चार और मगध कॉलोनी इलाके में तीन टैंकरों से पानी भेजा जा रहा है. साथ ही 800 चापाकलों को चालू रखने की कोशिश की जा रही है. लेकिन हकीकत यह है कि यह कोशिश जमीन पर कहीं नजर नहीं आ रही.

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