गयाजी अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में कार्डियक जांच बंद, मरीज बाहर जाने को मजबूर, निजी सेंटरों में हजारों तक खर्च

Updated:
विज्ञापन

शुभारंभ के समय मौजूद डॉक्टर व अन्य | Prabhat Khabar Network

गया के अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज में कार्डियक सीटी और एंजियोग्राफी की सुविधा शुरू होने के बाद भी बंद है, जिससे मरीजों को बाहर जाना पड़ रहा है।

विज्ञापन

Gayaji News : अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में अत्याधुनिक GE 128-स्लाइस CT स्कैन मशीन से कार्डियक CT और CT कोरोनरी एंजियोग्राफी की सुविधा शुरू होने की घोषणा के एक माह बाद भी मरीजों को इसका नियमित लाभ नहीं मिल पा रहा है. कुछ मरीजों की जांच डेमो के तौर पर की गयी, लेकिन इसके बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी. ऐसे में हृदय रोगियों को जरूरी जांच के लिए निजी सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है.

जांच बंद होने से डॉक्टरों को भी हो रही परेशानी

कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के अनुसार, कार्डियक CT की सुविधा सुचारू नहीं होने के कारण मरीजों की बीमारी की सही स्थिति जानने में परेशानी हो रही है. जरूरी मामलों में मरीजों को यह जांच कराने के लिए अस्पताल से बाहर भेजना पड़ रहा है. डॉक्टरों ने बताया कि कार्डियक CT एक नॉन-इनवेसिव जांच है, जिसमें ऑपरेशन या कैथेटर डालने की जरूरत नहीं होती. अत्याधुनिक CT स्कैन के जरिये हृदय और उसकी धमनियों की विस्तृत तस्वीर प्राप्त की जा सकती है.

कुछ ही मिनट में हो जाती है जांच, हार्ट की बीमारी का चलता है पता

कार्डियक CT खासकर कम से मध्यम जोखिम वाले हृदय रोगियों के लिए उपयोगी मानी जाती है. सीने में दर्द या अन्य लक्षणों के कारण कोरोनरी धमनियों की स्थिति जानने में इससे मदद मिलती है. जांच के जरिये समय पर हृदय रोग का पता लगाकर उपचार शुरू किया जा सकता है. इससे गंभीर जटिलताओं और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है.

बाहर जांच कराने में 8 से 25 हजार रुपये तक खर्च

CT कोरोनरी एंजियोग्राफी में हाथ की नस के जरिये डाई का इंजेक्शन दिया जाता है और CT स्कैन मशीन से हृदय की तस्वीरें ली जाती हैं. जांच में करीब 15 से 20 मिनट लगते हैं और थ्री-डी इमेज प्राप्त होती है. निजी सेंटरों में इस जांच के लिए मरीजों को करीब 8 हजार से 25 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस जांच का शुल्क करीब 4 हजार रुपये निर्धारित किया गया है. ऐसे में सुविधा बंद रहने से मरीजों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है.

सॉफ्टवेयर और सामान की कमी से अटकी सुविधा

अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. पीके अग्रवाल ने बताया कि सॉफ्टवेयर और कुछ जरूरी सामान के कारण जांच सुचारू रूप से शुरू नहीं हो सकी है. सॉफ्टवेयर और सामान मंगवाया जा रहा है. इसे जल्द शुरू करने की कोशिश की जा रही है.


विज्ञापन
Jitendra Mishra

लेखक के बारे में

By Jitendra Mishra

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन