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बिहार में यहां खुलेगा डायल-112 का नया कमांड सेंटर, इन जिलों में मदद पहुंचाना होगा आसान

Updated at : 05 Sep 2025 9:50 AM (IST)
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Dial-112's new command center will open in Gayaji

सांकेतिक तस्वीर

Bihar Police: पुलिस, अग्निशमन, एंबुलेंस समेत आपातकाल में सहायता के लिए जारी डायल-112 का नया कंट्रोल एंड कमांड सेंटर गयाजी में बनाने की तैयारी चल रही है. नये कमांड सेंटर को गृह विभाग ने स्वीकृति देते हुए इसके लिए 132 पदों की स्वीकृति भी प्रदान की है.

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Bihar Police: पुलिस, अग्निशमन, एंबुलेंस समेत आपातकाल में सहायता के लिए जारी डायल-112 का नया कंट्रोल एंड कमांड सेंटर गयाजी में बनाने की तैयारी चल रही है. वर्तमान में डायल-112 का एकमात्र कंट्रोल एंड कमांड सेंटर पटना में संचालित है. नये कमांड सेंटर को गृह विभाग ने स्वीकृति देते हुए इसके लिए 132 पदों की स्वीकृति भी प्रदान की है. जिसमें डीएसपी से लेकर सिपाही तक के पद शामिल हैं. जानकारी के अनुसार, गयाजी में बनने वाला सेकेंडरी कंट्रोल एंड कमांड सेंटर डायल-112 की मिरर साइट होगा. प्राइमरी सेंटर की तुलना में यह 20 प्रतिशत क्षमता वाला होगा.

सालाना 8 करोड़ से अधिक होंगे खर्च

जानकारी मिली है कि इसके लिए 98 सिपाही, 15 पुलिस अवर निरीक्षक, 10 सहायक पुलिस अवर निरीक्षक, 5 पुलिस निरीक्षक, 1 डीएसपी के साथ एक-एक चालक सिपाही, निम्नवर्गीय लिपिक और परिचारी का पद सृजित किया गया है. इस पर कुल 8 करोड़ 6 लाख रुपये का वार्षिक खर्च आएगा.

मगध जोन में जल्द मदद पहुंचाना होगा आसान

बता दें कि पुलिस मुख्यालय के स्तर से डायल-112 की सेवा को लगातार बेहतर बनाने के लिए समीक्षा की जा रही है. अभी डायल-112 का रिस्पांस टाइम साढ़े 14 मिनट है, जिसे और कम करने का प्रयास किया जा रहा है. वहीं, डायल-112 की टीम को सशक्त करने के लिए मानवबल बढ़ाने की भी योजना है. गयाजी में डायल-112 का दूसरा कंट्रोल एंड कमांड सेंटर बनाने से जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा समेत पूरे मगध क्षेत्र में त्वरित मदद पहुंचाना और भी आसान हो जाएगा.

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किसे मिलेगी क्या जिम्मेदारी

इस कंट्रोल एंड कमांड सेंटर में कॉल रिस्पांस एसोसिएट की जिम्मेदारी सिपाहियों के पास होगी जबकि कॉल डिस्पैचर की जिम्मेदारी दारोगा और सहायक अवर निरीक्षक को दिया जाएगा. प्रत्येक पाली में 20-20 सिपाहियों को कॉल रिसीव करने के लिए रखा गया है. इस कंट्रोल एंड कमांड सेंटर के काम की मॉनीटरिंग की जिम्मेदारी होगी.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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