बिहार के इस जिले में शुरू होगा बुलडोजर एक्शन, 34 अतिक्रमणकारियों को जारी किया गया नोटिस
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 23 Jan 2026 7:21 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar Bulldozer Action: गया जिले में एनएच-33 सड़क किनारे बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है. चीफ इंजिनियर ने 34 दुकानदारों को नोटिस जारी किया है. तय समय में अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी.
Bihar Bulldozer Action: गया जिले में अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है. चीफ इंजिनियर इंद्रजीत कुमार आर्या ने एनएच-33 सड़क किनारे अवैध रूप से दुकान और गुमटी लगाने वाले 34 लोगों को नोटिस जारी किया है. चीफ इंजिनियर ने बताया कि भारत सरकार की रिपोर्ट के अनुसार एनएच-33 मार्ग पर कुल 134 अतिक्रमण करने वालों की पहचान की गई है. इनमें से 34 लोगों ने सरकारी जमीन पर गुमटी, दुकान या बाउंड्री बनाकर सड़क की जमीन घेर रखा है. इससे सड़क पर आने-जाने में परेशानी हो रही है.
क्या बोले चीफ इंजिनियर इंद्रजीत कुमार आर्या
चीफ इंजिनियर इंद्रजीत कुमार आर्या ने बताया कि फिलहाल अतिक्रमण करने वालों को पहला नोटिस दिया गया है. नोटिस में तय समय के अंदर खुद से अतिक्रमण हटाने को कहा गया है. अगर तय समय तक अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो दूसरा नोटिस भेजा जाएगा. इसके बाद भी अगर जमीन खाली नहीं की गई तो तीसरे नोटिस के बाद प्रशासन खुद कार्रवाई कर अतिक्रमण हटाएगा.
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जारी रहेगी कार्रवाई
चीफ इंजिनियर इंद्रजीत कुमार आर्या ने कहा कि अरवल-जहानाबाद रूट पर किंजर, कुर्था मोड़, शांतिपूरम, शंकरपुर, इमामगंज समेत कई बाजारों में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा है. खासकर एनएच-33 से जुड़े बाजारों में सड़क किनारे अवैध दुकानें लगने की शिकायतें रोज मिल रही हैं. प्रशासन का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से जाम, दुर्घटना और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. इसलिए सड़क को खाली कराना जरूरी है. आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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