इमामगंज/गया : गया जिले के कोठी के थानाध्यक्ष मोहम्मद क्यामुद्दीन अंसारी की सोमवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे बाइक सवार तीन अपराधियों ने गोली मार कर हत्या कर दी. घटना के वक्त थानाध्यक्ष कोठी-मैगरा रोड पर चंदाचक गांव के पास मॉर्निंग वाक कर रहे थे. अपराधियों ने थानाध्यक्ष पर पहले चाकू से वार किये, फिर अत्याधुनिक हथियार से चार गाेलियां दाग दीं. गोली लगने के बाद थानाध्यक्ष की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी और बाइक सवार अपराधी फरार हो गये. पुलिस ने अपराधियों के भागने की दिशा में कई जगहों पर छापेमारी की और तीन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर
गया में थानेदार…
रही है. अभी हत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
थानेदार की हत्या की सूचना मिलते ही सबसे पहले इमामगंज के डीएसपी नंदकिशोर रजक मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में ले लिया. इसके बाद शेरघाटी के डीएसपी उपेंद्र प्रसाद के साथ ही डीआइजी सौरभ कुमार और एसएसपी गरिमा मलिक ने भी घटनास्थल पर पहुंच कर घटना की जानकारी ली. डीआइजी सौरभ कुमार ने बताया कि हत्या के कारणों व हत्यारों के बारे में पता लगाया जा रहा है. हत्या करनेवाले अपराधियों की पहचान की जा रही है. एसएसपी गरिमा मलिक ने कहा कि सिटी एसपी अवकाश कुमार के नेतृत्व में एसआइटी का गठन किया गया है. जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर लिया जायेगा.
घटना की प्रत्यक्षदर्शी रसीना बानो का कहना है कि चंदाचक गांव के पास काले रंग की पल्सर मोटरसाइकिल से आये तीन अपराधियों ने पहले थानेदार से हाथापाई की और चाकू से शरीर के विभिन्न हिस्सों पर वार किये. थानेदार भी दो अपराधियों से लोहा लेते रहे, पर तीसरे अपराधी ने उन पर चार गोलियां दाग दीं. गोली लगने के बाद क्यामुद्दीन जमीन पर गिर पड़े और उनकी मौत हो गयी.
पुलिस लाइन में दी गयी सलामी. थानेदार के शव को वरीय अधिकारियों के निर्देश पर कोठी थाना लाया गया. इसके बाद मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया में पोस्टमार्टम के बाद गया शहर स्थित पुलिस लाइन में सलामी दी गयी. इसके बाद उनके शव को औरंगाबाद भेज दिया गया. इस घटना के बाद कोठी बाजार की कमोबेश सभी दुकानें बंद रहीं.
फिलहाल, कोठी क्षेत्र में अपराधियों को पकड़ने के लिए सघन छापेमारी जारी है. 45 वर्षीय क्यामुद्दीन अंसारी का औरंगाबाद शहर स्थित अलीनगर मुहल्ले में घर है. वह मूलरूप से औरंगाबाद के ही देव प्रखंड के अदरी गांव के निवासी थे. उनकी पत्नी अंजुम आरा उर्दू प्राथमिक विद्यालय, पुराना शहर, दाउदनगर में शिक्षिका हैं. उन्हें एक बेटा व तीन बेटियां हैं.
बाइक सवार अपराधियों ने पहले चाकू से किये वार
चंदाचक गांव में घटनास्थल पर छानबीन करते डीआइजी व अन्य पदािधकारी.
10 लाख मुआवजा व एक आश्रित को नौकरी
पटना. एडीजी (मुख्यालय) सुनील कुमार ने कहा कि मृत थानाध्यक्ष के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और उनके एक आश्रित को सरकारी नौकरी दी जायेगी. सोमवार को प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि यह कोई नक्सली
10 लाख मुआवजा
नहीं, बल्कि पूरी तरह से आपराधिक मामला है. सभी अपराधियों को चिह्नित कर लिया गया है. जल्द ही इनकी गिरफ्तारी कर ली जायेगी. पूरे मामले की जांच करने और अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी करने के लिए एसआइटी की पांच टीमों का गठन किया गया है. सभी टीमें तेजी से अपना-अपना काम कर रही हैं.