एक अप्रैल से देशी शराब की बक्रिी बंद, चरणबद्ध तरीके से शराब पर लगेगा प्रतिबंध : सीएम

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एक अप्रैल से देशी शराब की बिक्री बंद, चरणबद्ध तरीके से शराब पर लगेगा प्रतिबंध : सीएमसंवाददाता, पटना शराबबंदी को लेकर उठते सवालों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अगले साल एक अप्रैल से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा देगी. राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं से […]

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एक अप्रैल से देशी शराब की बिक्री बंद, चरणबद्ध तरीके से शराब पर लगेगा प्रतिबंध : सीएमसंवाददाता, पटना शराबबंदी को लेकर उठते सवालों के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को कहा कि हमारी सरकार अगले साल एक अप्रैल से शराब की बिक्री पर प्रतिबंध लगा देगी. राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने कहा कि एक अप्रैल से पूरे राज्य में देशी और मसालेदार शराब की बिक्री पूरी तरह बंद हो जायेगी. सिर्फ नगर निगम और नगर पर्षद क्षेत्र में विदेशी शराब की बिक्री होगी. अब तक तक शराब की थोक बिक्री कर रहे बिहार राज्य बिवरेज काॅरपोरेशन शराब की खुदरा बिक्री करेगी. कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए सीएम ने कहा कि सरकार सिर्फ घोषणाओं में नहीं, बल्कि प्रभावी तरीके से शराबबंदी लागू करेगी. शराबबंदी की मानिटरिंग के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता मे एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित की जायेगी. जिला स्तर पर डीएम और एसपी को सीधे तौर पर शराबबंदी की जिम्मेवारी दी जायेगी. इसमें पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. इस संबंध में राज्य कैबिनेट ने यह निर्णय लिया कि देशी और मसालेदार शराब की बिक्री पूरी तरह बंद होगी जायेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी राज्य में कुल 5467 शराब की दुकानें है. सिर्फ सरकारी तंत्र के भरोसे ही नहीं, बल्कि आम लोगों के सहयोग से शराब के खिलाफ एक जनांदोलन छेड़ा जायेगा. इसमें स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, आशा कार्यकर्ता, शिक्षिका, आंगनबाड़ी सेविका, जनप्रतिनिधि सभी का सरकार सहयोगी लेगी. शराब के खिलाफ सामाजिक अभियान चलेगा. बिवरेज काॅरपोरेशन की खुदरा दुकानों पर क्लोज सर्किट टीवी लगायी जायेगी. उन दुकानों पर शराब पीने की इजाजत नहीं होगी. इसे आॅफ दुकान की मान्यता होगी. इसकी निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनेगा, जहां से इस पर निगरानी रखी जायेगी. सरकार इसके लिए टाल फ्री नंबर जारी करेगी. इस पर आम लोग शिकायत कर सकेंगे. शिकायत के बाद पुलिस के पहुंचने की अवधि इसका रिस्पांस टाइम माना जायेगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि एक अप्रैल के पहले सरकार शराबबंदी को लागू करने के लिए पूरा तंत्र खड़ा कर लेगी. इसके लिए मुख्य सचिव की अध्यकक्षता में बन रही कमेटी में विकास आयुक्त, डीजीपी और इससे संबंधित विभागीय अधिकारी को रखा जायेगा. उत्पाद विभाग को और सक्षम बनाया जायेगा. कर्मियों की कमी होने पर पुलिस की सहायता उपलब्ध करायी जायेगी. राजस्व हानि के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि इसकी चिंता हमें नहीं है. यह सरकार का निश्चय है. हमने महिलाओं को शराबबंदी का वचन दिया था. इसे चरणबद्ध तरीके से लागू करने का निर्णय हो चुका है और यह सरजमीं पर भी दिखेगा. इसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जितने भी कार्य हो सकते थे, सबका फ्रेमवर्क कर लिया गया है. सीएम ने कहा कि शराबबंदी में शराब का उत्पादन और बिक्री दोनों बंद हो जायेंगे. किसी भी क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार नहीं हो, इसके लिए सीधे तौर पर पुलिस थाने को जिम्मेवार बनाया जायेगा. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं पर एक अप्रैल के बाद शराब बनती या बिकती हो, तो वे पुलिस को तत्काल सूचना दें. महिलाओं के अनुरोध पर सरकार ने इतना बड़ा कदम उठाया है, इसलिए इसे लागू कराने में उनकी सक्रिय भूमिका उठानी होगी.

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