डुमरिया थानाध्यक्ष पर हमला करनेवाले नक्सली ने किया सरेंडर

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डुमरिया थानाध्यक्ष पर हमला करनेवाले नक्सली ने किया सरेंडर फोटो- 17 सनत 33: एसएसपी के सामने सरेंडर करता रेखा यादव. भाकपा-माओवादी संगठन का एरिया कमांडर था रेखा यादव उर्फ शिवाजी नक्सली के खिलाफ डुमरिया थाने में 12 व भदवर थाने में दो मामले दर्ज वरीय संवाददाता, गयावर्ष 2006 में डुमरिया थानाध्यक्ष पर जानलेवा हमला करनेवाला […]

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डुमरिया थानाध्यक्ष पर हमला करनेवाले नक्सली ने किया सरेंडर फोटो- 17 सनत 33: एसएसपी के सामने सरेंडर करता रेखा यादव. भाकपा-माओवादी संगठन का एरिया कमांडर था रेखा यादव उर्फ शिवाजी नक्सली के खिलाफ डुमरिया थाने में 12 व भदवर थाने में दो मामले दर्ज वरीय संवाददाता, गयावर्ष 2006 में डुमरिया थानाध्यक्ष पर जानलेवा हमला करनेवाला भाकपा-माओवादी नक्सली संगठन का एरिया कमांडर रेखा यादव उर्फ शिवाजी ने गुरुवार को एसएसपी गरिमा मलिक के सामने सरेंडर कर दिया. एसएसपी, एएसपी (नक्सल) मनोज कुमार चौधरी, एसएसबी व कोबरा के अधिकारियों ने नक्सली को शॉल व पुष्पगुच्छ देेकर स्वागत किया. गया जिले के भदवर थाना क्षेत्र के हड़ही गांव के रहनेवाले रेखा यादव के विरुद्ध डुमरिया थाने में 12 व भदवर थाने में दो मामले दर्ज हैं. गुरुवार की शाम अपने कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी ने बताया कि समाज की मुख्यधारा से भटक कर माओवादी संगठन का दामन थामनेवाले लोगों व उनके परिजनों को ऑपरेशन ‘विश्वास’ के तहत सरकार की सरेंडर नीति से अवगत कराया जा रहा है. यह प्रयास काफी सार्थक साबित हो रहा है. अब तक माओवादी संगठन के जुड़े कई लोग पुलिस के सामने सरेंडर कर चुके हैं. एरिया कमांडर रेखा यादव ने भी सरेंडर कर एक नया जीवन जीने की सोची है. उसे सरेंडर नीति के तहत दी जानेवाली हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया करायी जायेंगी. एसएसपी ने बताया कि रेखा यादव झारखंड की सीमावर्ती इलाकों के अलावा गया जिले के डुमरिया, छकरबंधा, बांकेबाजार, इमामगंज व कोठी थाना इलाके में काफी समय से सक्रिय था. इसके विरुद्ध डुमरिया थाना कांड संख्या 04/06, 05/06, 20/06, 24/09, 05/11, 13/11, 20/11, 23/11, 72/11, 04/12, 24/13 व 33/13 और भदवर थाना कांड संख्या 07/06 व 20/13 दर्ज है. 2005 में थामा था भाकपा माओवादी संगठन का दामन प्रेसवार्ता में नक्सली रेखा यादव ने बताया कि बेरोजगारी के कारण 2005 में भाकपा-माओवादी संगठन का दामन थाम लिया था. उसने कई घटनाओं को अंजाम दिया, लेकिन, अब पुरानी बातों का याद नहीं करना चाहता. नया जीवन शुरू करने की चाहत है. कोशिश होगी कि तीन बच्चों का भविष्य बेहतर हो. एक सवाल के जवाब ने रेखा यादव ने बताया कि उन्हें किसी से कोई खतरा नहीं है. अपनी व परिजनों की मरजी से पुलिस के सामने सरेंडर किया है. अगर भविष्य में उन्हें माओवादी संगठन से जुड़े साथी मिले, तो वह उन्हें भी सरेंडर करने के लिए प्रेरित करेगा.

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