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मानपुर :बॉर्डर की सुरक्षा का आया संदेशा, ड्यूटी ज्वाइन करने हेडक्वार्टर जा रहे थे दीपक, ट्रेन पकड़ने के दौरान मौत

Updated at : 26 Feb 2019 5:58 AM (IST)
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मानपुर :बॉर्डर की सुरक्षा का आया संदेशा, ड्यूटी ज्वाइन करने हेडक्वार्टर जा रहे थे दीपक, ट्रेन पकड़ने के दौरान मौत

मानपुर : गया रेलवे जंक्शन पर रविवार को अपनी ड्यूटी जाने के दौरान ट्रेन पर चढ़ते के समय सेना के जवान दीपक कुमार उर्फ मंटू सिंह की मौत हादसे में हो गयी थी. सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतक का शव सेना की सुरक्षा में हरली गांव में पहुंचा, तो मातम पसर गया. […]

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मानपुर : गया रेलवे जंक्शन पर रविवार को अपनी ड्यूटी जाने के दौरान ट्रेन पर चढ़ते के समय सेना के जवान दीपक कुमार उर्फ मंटू सिंह की मौत हादसे में हो गयी थी.
सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही मृतक का शव सेना की सुरक्षा में हरली गांव में पहुंचा, तो मातम पसर गया. गांव के लोगों व मृतक के परिवारवालों का रो-रो कर बुरा हाल था. सेना के जवान तिरंगे से लिपटे ताबूत में शव को लेकर पहुंचे थे. परिवारवालों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी.
गौरतलब है कि 14 फरवरी को पुलवामा (कश्मीर) में हुए आतंकी हमले के बाद बॉर्डर पर तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए मानपुर के हरली गांव के रहनेवाले आर्मी मैन दीपक कुमार उर्फ मंटू सिंह की छुट्टी रद्द कर दी गयी थी.
दीपक की पोस्टिंग लेह-लद्दाख में थी. करीब एक पखवारा पहले वह तीन महीने की छुट्टी पर घर आये थे. लेकिन, 23 फरवरी को दीपक के हेडक्वार्टर से फोन आया था कि बॉर्डर पर स्थिति तनावपूर्ण है. इस कारण उनकी छुट्टी रद्द कर दी गयी है.
हेडक्वार्टर से मैसेज मिलते ही देशभक्ति की भावना से प्रेरित दीपक ने अपने परिवार व बाल-बच्चों का मोह त्याग अपनी ड्यूटी पर लौटने की तैयारी कर ली. समय गंवाये बिना दीपक रविवार को गया रेलवे जंक्शन पहुंच गये. लेकिन, भारत मां के सपूत के साथ ही होनी कुछ और लिखी थी. ट्रेन चढ़ते समय दीपक के पैर फिसल गये और उनकी जान चली गयी.
घर में मचा कोहराम
दीपक मूल रूप से मानपुर प्रखंड के हरली गांव के निवासी थे. लेकिन, सिद्वार्थपुरी रोड नंबर एक में एक छोटा सा मकान बना बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए उनका परिवार यहां रह रहा है. मृतक की पत्नी रूपा देवी (35 वर्ष), बेटी स्हेना कुमारी (14 वर्ष), अमन(9 वर्ष) व अनु (6 वर्ष) के अलावा वृद्ध मां कुंती देवी का रो-रो कर बुरा हाल है. तीनों बच्चे सिटी पब्लिक स्कूल सिकहर में शिक्षा ग्रहण करते हैं.
छोटे भाई को पेरोल पर लाया गया श्मशान घाट
विष्णुपद मंदिर के पास स्थित श्मशान घाट पर सेना के जवान दीपक कुमार के अंतिम संस्कार में शामिल होने
जेल में बंद उनके छोटे भाई को लाया गया. जवान के बेटे ने जब उन्हें मुखाग्नि दी, तो उसके साथ उनके भाई भी मौजूद रहे. जेल से लाये जाने के कारण जवान के भाई के हाथ में हथकड़ी लगी थी. जानकारी के अनुसार, दहेज के मामले में दीपक के छोटे भाई कृष्ण मुरारी सिंह सेंट्रल जेल में बंद हैं. डीएम सहित अन्य वरीय अधिकारियों के आदेश पर उन्हें पेरोल पर बाहर लाया गया और वे अंतिम संस्कार में शामिल हुए. अंतिम संस्कार के बाद पुन: उन्हें सेंट्रल जेल भेज दिया गया.
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
मृतक जवान के शव को तिरंगे में लपेट कर गांव में लाया गया. वहां सेना के जवानों ने ताबूत पर पुष्प अर्पित किये. दीपक अमर रहे, भारत माता की जय के नारे लगे. आर्मी कमांडिंग ऑफिसर व जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में विष्णुपद घाट पर उनका अंतिम संस्कार हुआ.
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