गया : बारिश ने नहीं दिया साथ, लक्ष्य से छह फीसदी कम हुई धान की रोपनी

Updated at : 03 Sep 2018 9:21 AM (IST)
विज्ञापन
गया : बारिश ने नहीं दिया साथ, लक्ष्य से छह फीसदी कम हुई धान की रोपनी

गया : धान की राेपनी का समय पूरी तरह समाप्त हाे चुका है. देर से हुई बारिश की वजह से किसान देर तक धान की राेपनी करते रहे. कृषि विभाग से मिली खबर के मुताबिक 31 अगस्त तक जिले में धान की राेपनी का लक्ष्य एक लाख 53 हजार हेक्टेयर के विपरीत एक लाख 44 […]

विज्ञापन
गया : धान की राेपनी का समय पूरी तरह समाप्त हाे चुका है. देर से हुई बारिश की वजह से किसान देर तक धान की राेपनी करते रहे. कृषि विभाग से मिली खबर के मुताबिक 31 अगस्त तक जिले में धान की राेपनी का लक्ष्य एक लाख 53 हजार हेक्टेयर के विपरीत एक लाख 44 हजार 638 हेक्टेयर में यानी 94.53 प्रतिशत ही सका है.
खरीफ फसलाें में प्रमुख मक्का की 93.56 प्रतिशत, मड़ुआ की 56.25 प्रतिशत सभी दलहनी मिलाकर 72.70 प्रतिशत व तेलहन का कुल 56.09 प्रतिशत फसल ही राेपनी हाे सकी. इसकी प्रमुख वजह देर से बारिश हाेना व सामान्य से कम बारिश हाेना रहा. अगस्त महीने में 280.9 मिलीमीटर बारिश की जरूरत के विपरीत 257.4 मिलीमीटर ही बारिश हुई. सितंबर महीने में 157.9 मिलीमीटर बारिश की आवश्यकता है. एक सितंबर काे 23.7 मिलीमीटर बारिश हुई थी. इससे पहले जुलाई महीने में 294.5 मिलीमीटर बारिश की जरूरत के विपरीत 271.6 मिलीमीटर व जून महीने में 128.5 मिलीमीटर बारिश की आवश्यकता के विपरीत 91.0 मिलीमीटर ही बारिश हुई थी.
इस प्रकार बरसात के इस माैसम में हर महीने जरूरत से कम बारिश हुई. इस तरह इस वर्ष जून, जुलाई, अगस्त व सितंबर महीनाें काे मिलाकर 709.2 मिलीमीटर बारिश की जरूरत के विपरीत 643.7 मिलीमीटर ही बारिश हुई. इस प्रकार 65.5 मिलीमीटर कम बारिश हुई. बारिश का 9.23 प्रतिशत का विचलन रहा.
धान राेपनी के बाद किसानाें काे यूरिया, डीएपी व पाेटाश खाद की जरूरत अधिक है. धान की फसल के लिए फिलहाल इन उवर्रकाें(खाद) की ज्यादा जरूरत है. व्यापार मंडल व खाद दुकानाें से यूरिया खाद के अलावा डीएपी व पाेटाश की खरीद के लिए किसानाें की भीड़ देखी जा रही है.
किसान तेजी से अब अपनेै खेताें में धान की फसल में खाद छींटने में जुट गये हैं. लेकिन, कई जगहाें पर खाद की किल्लत की शिकायत मिलने लगी है. इसके मद्देनजर कृषि विभाग ने उड़नदस्ता दल का गठन किया है, ताकि खाद की कालाबाजारी न हाे सके.
राेपनी का प्रखंडवार प्रतिशत
प्रखंड धान राेपनी का प्रतिशत
नगर 101
मानपुर 100
वजीरगंज 100
खिजरसराय 94.9
फतेहपुर 101.1
टनकुप्पा 100.3
अतरी 92.8
माेहड़ा 97.6
नीमचक बथानी 95.8
बेलागंज 101.3
टिकारी 100
काेंच 96.3
गुरारू 101
परैया 98.3
गुरुआ 97.1
बाेधगया 100
माेहनपुर 81.9
बाराचट्टी 55.2
डाेभी 81.6
शेरघाटी 98.5
आमस 99
बांकेबाजार 95.8
इमामगंज 100.6
डुमरिया 67.1
कुल 94.53
उड़नदस्ता दल हर रोज कर रहा है चेक
जिला कृषि पदाधिकारी अशाेक कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में खाद की काेई कमी नहीं है. उड़नदस्ता दल हर राेज अलग-अलग क्षेत्र में खाद, बीज की दुकानाें पर स्टॉक व बिक्री रजिस्टर चेक कर रहा है. उन्हाेंने बताया कि डुमरिया, बाराचट्टी, माेहमपुर, डाेभी प्रखंड क्षेत्र में धान की राेपनी कम हुई है. इसके लिए उन प्रखंडाें के किसानाें के बीच वैकल्पिक खेती के लिए मक्का व अरहर के बीज बांटे जा रहे हैं. राज्य मुख्यालय से कृषि विभाग ने ताेरिया आदि फसलाें के बीज की मांग की गयी है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन