मोहनपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर, सिंधिया के कई इलाकों में फैल रहा बाढ़ का पानी

Updated at : 28 Sep 2020 12:51 AM (IST)
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मोहनपुर में गंगा नदी खतरे के निशान से  ऊपर, सिंधिया के कई इलाकों में फैल रहा बाढ़ का पानी

मोहनपुर : प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के वजह से जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है़ बाढ़ प्रमुडल दलसिंहसराय के सरारी स्थित कैंप पर तैनात कनीय अभियंता विनय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर रविवार को 45.60 मीटर तक पहुंच गया़ यह खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ज्यादा है़

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मोहनपुर : प्रखंड क्षेत्र से गुजरने वाली गंगा नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के वजह से जलस्तर में लगातार वृद्धि जारी है़ बाढ़ प्रमुडल दलसिंहसराय के सरारी स्थित कैंप पर तैनात कनीय अभियंता विनय कुमार सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर रविवार को 45.60 मीटर तक पहुंच गया़ यह खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ज्यादा है़

इधर, गंगा के जलस्तर में हो रही वृद्धि को लेकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मन में एक बार फिर बाढ़ की आशंका बलबती होने लगी है़ हरदासपुर, नवघड़िया, सरसावा, बरियारपुर, बघड़ा, डुमरी दक्षिणी, जौनापुर, मटिऔर के निचले इलाकों में गंगा का पानी तेजी से पसरने लगा है़ इसे देखते हुए अभियंताओं के दल द्वारा दिन रात तटबंध की चौकसी की जा रही है़ बीते एक पखवाड़े से अधिक समय तक लगातार गंगा के जलस्तर में कमी होने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली थी़ परंतु बारिश के बाद से इस इलाके में रहने वालों की लोगों के दिलों की धड़कन बाढ़ को लेकर फिर से तेज हो गयी है.

सिंधिया . भारी बारिश व नेपाल से सीमा पर बाल्मीकि बराज से अधवारा समूह में पानी छोड़ने के कारण कोसी, कमला व बलान नदी के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गयी है. जिससे क्षेत्र में पानी का फैलाव तीव्र गति से हो शुरू हो गया है. यहां के किसान पिछले महीने आयी बाढ़ के पानी के खेत-खलिहान से निकल जाने से खुश थे. कुछ दिन के बाद खेत की जोताई-कोराई करने के बाद मौसम के अनुसार दलहन व तिलहन की फसल लगाने की मंशा पाल रहे थे. परंतु अचानक मौसम के बिगड़े मिजाज के कारण गत दिनों हुई भारी बारिश ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है. किसानों का बताना है कि रविवार से क्षेत्र में निरंतर पानी का फैलाव हो रहा है.

इसको देखते हुए धनहो, महरा, बारा, सोनमनी, लक्ष्मीनिया, कबिलासी, भरसो, भरहर, कंजारा, मंगेला, जीबूडीहली, करही, सोनसा, दौरकाही समेत आदि गांव के किसान चिंतित नजर आ रहे हैं. किसान वसंत चौपाल, अशोक शर्मा, अनिल यादव, रामबरन यादव, छोटू राय आदि ने बताया कि दलहन-तिलहन की फसल अब चौपट होती दिखाई पड़ने लगी है. क्योंकि हथिया नक्षत्र में तिलहन की बोआई को अच्छा माना जाता है. रविवार से हथिया नक्षत्र शुरू हुआ है. इसी दिन से खेतों में बाढ़ का पानी भी वापस आने लगा है. इससे साफ जाहिर हो रहा है कि इस वर्ष तिलहन की बोआई में काफी देर होगी. जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा.

ताजपुर. क्षेत्र में खेत में बारिश का पानी लगने के कारण फूलगोभी, बंधागोभी, परबल, कद्दू, नेनुआ, बैगन, धान आदि की फसल को बर्बाद कर दिया है. अपने फसलों की बर्बाद देखकर किसानों के होश उड़े हुए हैं. भाकपा माले प्रखण्ड सचिव सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, ब्रह्मदेव प्रसाद सिंह, प्रभात रंजन गुप्ता की टीम ने रविवार को मोतीपुर के विजय कुमार, अमर कुमार, राजदेव प्रसाद सिंह, जयदेव सिंह, ईश्वरदेव सिंह, देवेन्द्र सिंह, मनोज सिंह, रतन सिंह, अरविंद कुमार, मो. अफरोज, अशोक सिंह आदि के खेतों का मुआयना किया. बीएओ से से बर्बाद फसलों का निरीक्षण कर सरकार को रिपोर्ट भेजकर फसल क्षति मुआवजा देने व केसीसी ऋण माफ कराने की मांग की.

posted by ashish jha

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