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बिहार के गंडक दियारा में कभी गूंजती थी गोलियों की तड़तड़ाहत,अब लाल भिंडी व सब्जी की खेती से लाखों की कमाई

Updated at : 12 Jul 2022 3:37 PM (IST)
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बिहार के गंडक दियारा में कभी गूंजती थी गोलियों की तड़तड़ाहत,अब लाल भिंडी व सब्जी की खेती से लाखों की कमाई

Sabji ki Kheti: सब्जी की खेती से गंडक दियारा के खुशहाल है. किसान प्रखंड ठकराहा अंतर्गत गंडक दियारा इलाके में सब्जी की खेती कर किसान खुशहाल होने के साथ-साथ मालामाल हो रहे हैं. रेतीली जमीन सोना उगल रही है.

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पश्चिम चंपारण. एक जमाने में मिनी चंबल व कालापानी कहेजाने वाला के नाम से विख्यात गंडक दियारा इलाका था. जहां कभी दिन के उजाले में गोलियों की तड़तड़ाहत गूंजती थी और ठकराहा प्रखंड को कालापानी के नाम से मशहूर था. जहां एक नदियों को कई बार पार करने के बाद वहां जाया जाता है. हां आज किसान उस जगह पर लाल भिंडी व लतीदार सब्जी की खेती कर अपनी अपनी रैयती जमीन में निडर होकर सोना उगा रहे है. उनकी द्वारा उपजी हुई लाल भिंडी मार्केट में 20 से 22 रुपये किलो बिक रही है और किसानों की आर्थिक स्थिति ठीक होने लगी है. एक जमाने में भुखमरी के शिकार होने के कारण वहां के किसान अपराधियों के डर से दूसरे जगह पलायन किये थे. लेकिन आज बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकार में अमन चैन कायम हो गया है और वे फिर अपनी अपनी पुरानी जगह पर आकर खेती बारी कर काफी खुशहाल जीवन बिता रहे है.

खेती के लिए गंडक दियारा की ओर रूख कर रहे किसान

सब्जी की खेती से गंडक दियारा के खुशहाल है. किसान प्रखंड ठकराहा अंतर्गत गंडक दियारा इलाके में सब्जी की खेती कर किसान खुशहाल होने के साथ-साथ मालामाल हो रहे हैं. रेतीली जमीन सोना उगल रही है. उत्तर प्रदेश की तर्ज पर किसान परंपरागत फसलों के साथ गन्ना, लाल भिंडी, केला एवं हरी सब्जियों की खेती कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि दियारे के किसानों को सरकारी तौर पर सब्जी की खेती करने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जा रहा है.

15 किसान कर रहा है लाल भिंडी का खेती

जिससे किसान काफी आर्थिक परेशान हैं. प्रेम शंकर सिंह ने बताया कि गंडक दियारा को पहले कालापानी कहेजाने वाला जाता था. वहां आज ठकराहा प्रखंडों में 15 किसान लाल भिंडी का खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि लाल भिंडी में आयरन, प्रोटीन, बिटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में लगे हुए हैं. दियारे के किसानों की माने तो दियारा इलाके के ठकराहा, जागिरहां, धूमनगर, कोईरपट्टी, गौतम बुद्ध सेतु के आसपास समेत बथवरिया, चुड़िहरवा, भरवलिया समेत रेवहिया, करहिया बसौली एवं नैनहा के गंडक दियारा क्षेत्र में सब्जी की खेती जोर-शोर से किया जा सकता है. इस क्षेत्र के किसानों ने बताया कि पूर्व में इस क्षेत्र में कोई फसल मुनासिब नहीं हो पाती थी. फिलहाल गन्ना, धान, दलहन समेत अन्य फसल की उपज हो रही है.

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सब्जियों की खेती करने से हो रहा है लाभ

किसान कन्हैया गुप्ता ने बताया कि सब्जी के खेती करने वाले किसान दियारे में झोपड़ी बना कर रहते है. वे बताते हैं कि दियारे की भूमि सभी फसलों के लिए उपजाऊ है. लेकिन अभी लोग धीरे-धीरे अपने खेतों की तरफ पहुंच रहे है. इस दियारा क्षेत्र के भूमि पर गन्ना, गेहूं, धान सहित सब्जी की खेती भी उपजाऊ होगी. किसान की पत्नी नारू देवी बताती हैं कि दियारा में उत्तर प्रदेश की तरह केला की खेती शुरू हो गयी है. केला की खेती के साथ ही लोग सब्ज की खेती करने में लगे हुए हैं. किसानों की आर्थिक स्थिति दिन दूना रात चौगुना सुधरती जा रही है. इस दौरान गोरखपुर एंवारन्मेंटल एक्शन ग्रुप एवं पीडब्ल्यूसी संस्था के प्रेम शंकर सिंह व मैनेजर रवि मिश्रा उपस्थित रहे. -इनपुट- इजरायल अंसारी

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