Bihar : पत्नी के सामने पति की हत्या करनेवाले पिता व पुत्र को मिली उम्रकैद, तीन साल पूर्व की थी हत्या

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 23 May 2022 3:41 PM

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पत्नी के सामने ही पति की चाकू मारकर हत्या किये जाने के जघन्य मामले में सोमवार को एडीजे-पांच विश्व विभूति गुप्ता की कोर्ट ने दोषी पाये गये पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है. कोर्ट का फैसला सुनने के बाद पिता-पुत्र फफक पड़े.

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गोपालगंज. पत्नी के सामने ही पति की चाकू मारकर हत्या किये जाने के जघन्य मामले में सोमवार को एडीजे-पांच विश्व विभूति गुप्ता की कोर्ट ने दोषी पाये गये पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का दोनों पर अर्थदंड भी लगाया है. कोर्ट का फैसला सुनने के बाद पिता-पुत्र फफक पड़े.

एक साल अतिरिक्त सजा

पुलिस ने दोनों को न्यायिक सुरक्षा में जेल भेज दिया. कोर्ट ने अभियोजन पक्ष से अपर लोक अभियोजक परवेज हसन तथा बचाव पक्ष से अधिवक्ता वेद प्रकाश तिवारी की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुनाया. वहीं अर्थदंड की राशि जमा नहीं किये जाने पर एक साल अतिरिक्त सजा काटनी होगी.

अनीशा के सामने शकील को मारा था चाकू

मांझागढ़ थाने के धामापाकड़ गांव में 18 मार्च 2019 को शकील आलम अपने पड़ोसी गुलशेव आलम के दरवाजे से होकर नाली का निर्माण करा रहे थे. विरोध के बावजूद वे नाली का निर्माण कार्य रोकने को तैयार नहीं हुए. तब गुलशेव आलम तथा उनके पिता नबी हुसैन ने चाकू मारकर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया था. घटना के दौरान अनीशा खातून चिल्लाती रही, मगर खून से लहूलुहान उसके पति पर कई बार चाकू से वार कर दिया गया.

11 गवाह प्रस्तुत किये गये

घटना के 10 दिन बाद इलाज के दौरान गोरखपुर में उनकी मृत्यु हो गयी थी. कांड के अनुसंधानक की तरफ से आरोप पत्र समर्पित किये जाने के बाद मामले की सुनवाई कोर्ट में चल रही थी. मामले में अभियोजन पक्ष की तरफ से 11 गवाह प्रस्तुत किये गये. वहीं बचाव पक्ष की तरफ से भी दो गवाहों की गवाही करायी गयी. इसके बाद कोर्ट ने सोमवार को दोषी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास की सजा सुनायी.

बोले लोक अभियोजक

कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. पिता-पुत्र दोनों को आजीवन कारावास की सजा हुई है. साथ ही 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड दोनों को लगाया गया है. अर्थदंड की राशि नहीं दिये जाने पर एक साल अधिक कारावास होगा. कोर्ट के इस फैसले से पीड़ित पक्ष संतुष्ट है.

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