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कोरोना की रफ्तार कम होते ही बढ़ने लगे डेंगू-मलेरिया के मामले, पटना के 14 इलाकों में अलर्ट

Updated at : 06 Aug 2021 10:03 AM (IST)
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कोरोना की रफ्तार कम होते ही बढ़ने लगे डेंगू-मलेरिया के मामले, पटना के 14 इलाकों में अलर्ट

कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होते ही अब पटना में बारिश के साथ डेंगू बुखार का खतरा मंडराने लगा है. पटना सिटी के गायघाट व फुलवारीशरीफ क्षेत्र में सड़क किनारे डेंगू के एडीज मच्छर के लार्वा पाये जाने व अस्पतालों में इक्का-दुक्का मरीजों के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है.

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पटना. कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम होते ही अब पटना में बारिश के साथ डेंगू बुखार का खतरा मंडराने लगा है. पटना सिटी के गायघाट व फुलवारीशरीफ क्षेत्र में सड़क किनारे डेंगू के एडीज मच्छर के लार्वा पाये जाने व अस्पतालों में इक्का-दुक्का मरीजों के आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है.

सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा पदाधिकारियों को डेंगू से बचाव के लिए प्रचार-प्रसार और इलाज की तैयारी रखने को कहा गया है. यहां तक की डेंगू को देखते हुए अब शहर के 14 इलाकों को संवेदनशील घोषित करते हुए विशेष निगरानी व दवा, फॉगिंग आदि का छिड़काव आदि करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं.

पटना के इन 14 इलाकों में विशेष नजर

डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग स्तर पर मंथन शुरू कर दिया गया है. हर साल शहर के जिन इलाकों में सबसे अधिक मरीज मिलते हैं, वहां पर विभाग के अधिकारी विशेष नजर रखे हैं. इसको देखते हुए पहले चरण में खासकर 14 इलाके चिह्नित किये गये हैं.

इनमें शहर के ट्रांसपोर्ट नगर, कंकड़बाग, गायघाट, पाटलिपुत्र, दानापुर, फुलवारीशरीफ, पीरबहोर इलाका, महेंद्रू, संपतचक, शास्त्रीनगर, राजेंद्र नगर, गर्दनीबाग, खाजेकला व पत्थर की मस्जिद इलाके चिह्नित करते हुए स्वास्थ्य की विशेष टीम लगायी जायेगी.

इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान शुरू कर संवेदनशील इलाकों के घर-घर जाकर लार्वा की जांच करेगी. इस दौरान घरों में रुके हुए पानी को भी साफ कराया जायेगा.

डेंगू से ऐसे करें बचाव

  • घर के आसपास फाॅगिंग करवाएं, और यदि आसपास पानी जमा है, तो उसमें एंटी लार्वा या केरोसिन तेल डलवाएं

  • घर या आसपास पानी नहीं जमा होने दें

  • कूलर, गमला या अन्य खाली बर्तन कहीं भी पानी जमाकर नहीं रखें

  • खुद को मच्छरों से बचाएं, इसके लिए खिड़कियों-दरवाजों में जाली व सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें

  • मच्छर के काटने के चार से पांच दिनों में होता है बुखार

डेंगू के लक्षण

गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ मनोज कुमार ने बताया कि एडीज मच्छर के काटने के चार से पांच दिन में पीड़ित को डेंगू का तेज बुखार होता है. कई बार बुखार के साथ इतना तेज दर्द होता है कि सामान्य भाषा में इसे हड्डी तोड़ बुखार भी कहा जाता है.

भूख न लगना, उलटी-दस्त, गले में खराश, पेट दर्द और लिवर में सूजन इसके अन्य लक्षण हैं. इसके दो रूप हैमरेजिक व शॉक सिंड्रोम हैं, जो जानलेवा होते हैं. इसमें शरीर में लाल चकत्ते पड़ने के साथ कई बार त्वचा, नाक व मुंह से खून निकलना भी शुरू हो जाता है.

Posted by Ashish Jha

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