ePaper

बिना चीरा लगाये कुछ घंटों में हो सकता है जटिल सर्जरी

Updated at : 21 Nov 2025 6:44 PM (IST)
विज्ञापन
बिना चीरा लगाये कुछ घंटों में हो सकता है जटिल सर्जरी

पहले दिन आधुनिक लेजर तकनीक से हाइट्स हर्निया, भगन्दर व अन्य जटिल बीमारियों की सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया गया.

विज्ञापन

दरभंगा. डीएमसीएच में तीन दिवसीय बिहार चेप्टर सर्जन्स कांफ्रेंस के पहले दिन आधुनिक लेजर तकनीक से हाइट्स हर्निया, भगन्दर व अन्य जटिल बीमारियों की सर्जरी का लाइव प्रदर्शन किया गया. इस प्रदर्शन ने न केवल डॉक्टरों बल्कि मेडिकल छात्रों को नई तकनीक सीखने का अवसर दिया. बताया गया कि बिना चीरा लगाए, बिना दर्द और बिना संक्रमण के जटिल सर्जरी संभव है. मरीजों का उपचार अब बेहद सुरक्षित और आसान हो गया है. इस तकनीक से मरीजों को सुबह में एडमिट, दोपहर में सर्जरी व शाम तक पूरी तरह सामान्य होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है. विशेषज्ञ सर्जनों ने नई तकनीक की वैज्ञानिक प्रक्रिया को विस्तार से बताया. अहमदाबाद से आए लेजर सर्जन डॉ अंकुर पटेल और पटना आइजीआइएमएस के वरिष्ठ सर्जन डॉ संजय कुमार ने डीएमसीएच के ऑपरेशन थिएटर में लाइव सर्जरी कर दिखाया. बड़े स्क्रीन पर लाइव प्रसारण के दौरान सैकड़ों सर्जन, रेजिडेंट डॉक्टर और मेडिकल छात्र मौजूद रहे.

जूनियर चिकित्सकों के लिये बेहद उपयोगी

सर्जन्स कांफ्रेंस का पहला दिन जूनियर डॉक्टरों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ. कई छात्रों ने तकनीकी सवाल पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने जवाब दिया. युवा डॉक्टरों ने कहा कि इस तरह के लाइव वर्कशॉप से उन्हें आधुनिक सर्जरी की विधियों को समझने में काफी मदद मिलती है.

मरीज व चिकित्सकों में जगी नई उम्मीद

डीएमसीएच में इस आधुनिक तकनीक की शुरुआत ने मरीजों और चिकित्सकों में नई उम्मीद जगा दी है. यह आयोजन मेडिकल जगत के लिए मील का पत्थर साबित होगा. आयोजन सचिव ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य बिहार के युवा सर्जनों को आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से अवगत कराना है. कार्यक्रम का उदघाटन दीप जलाकर डॉ बिजेन्द्र मिश्रा, डॉ संजीव कुमार आदि ने दीप जलाकर किया.

लेजर तकनीक सर्जरी चिकित्सा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव

अहमदाबाद से आये डॉ अंकुर पटेल ने बताया कि लेजर तकनीक सर्जरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है. इसमें न तो भारी रक्तस्राव होता है, न ही मरीज को लंबे समय तक अस्पताल में रहने की जरूरत पड़ती है. कहा कि भगन्दर जैसी बीमारियां, जो परंपरागत सर्जरी में मरीज के लिए काफी दर्दनाक और जोखिमपूर्ण मानी जाती थीं, अब बेहद सरल और प्रभावी ढंग से ठीक की जा सकती है. कहा कि दूरबीन आधारित लेजर सर्जरी आने वाले समय में सामान्य सर्जरी की प्रक्रिया को पूरी तरह बदल देगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RANJEET THAKUR

लेखक के बारे में

By RANJEET THAKUR

RANJEET THAKUR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन