कारागृह में नशा मुक्ति और तनाव मुक्त जीवन पर सात दिवसीय कार्यक्रम शुरू

Author Satish kumar|Edited by Aaruni Thakur
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कारागृह में नशा मुक्ति व तनाव मुक्त जीवन पर सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ

कार्यक्रम में शामिल कारा अधीक्षिका स्नेहलता, आरती व अन्य

दरभंगा मंडल कारागृह में ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के साथ मिलकर "नशा मुक्ति एवं तनाव मुक्त, खुशनुमा जीवन" विषय पर एक विशेष सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ है. इसका उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें नशे व तनाव से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है. कार्यक्रम के अंत में 250 बंदियों ने नशा न करने की शपथ ली.

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Darbhanga News: प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय और दरभंगा मंडल कारागृह के संयुक्त तत्वावधान में कारागृह परिसर में "नशा मुक्ति एवं तनाव मुक्त, खुशनुमा जीवन" विषय पर सात दिवसीय विशेष कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों में सकारात्मक सोच विकसित करना और उन्हें नशे व तनाव से दूर रहने के लिए प्रेरित करना है.

कारा अधीक्षिका ने बताई कार्यक्रम की जरूरत

कार्यक्रम का उद्घाटन कारा अधीक्षिका स्नेहलता और ब्रह्माकुमारी दरभंगा की मुख्य संचालिका आरती बहन ने किया.

कारा अधीक्षिका स्नेहलता ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य बंदी भाई-बहनों के जीवन में सुख-शांति लाना और उन्हें नशे एवं तनाव से मुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि इस कार्यक्रम से बंदियों के व्यवहार और सोच में सकारात्मक बदलाव आएगा.

राजयोग मेडिटेशन से मिलेगी नई दिशा

आरती बहन ने कहा कि तनाव और अवसाद के कारण कई लोग नशे की ओर बढ़ जाते हैं, जिससे अपराध की घटनाएं भी जन्म लेती हैं. उन्होंने कहा कि राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति के विचारों को सकारात्मक बनाता है और जीवन में संतुलन स्थापित करने में मदद करता है.

उन्होंने बताया कि सात दिनों तक बंदियों को मेडिटेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे बेहतर और सकारात्मक जीवन की ओर आगे बढ़ सकें.

युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता

कार्यक्रम में शिक्षक सुधाकर ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन सोचने की कला को बेहतर बनाता है. उनका कहना था कि हर कर्म की शुरुआत विचार से होती है. यदि विचार सकारात्मक हों तो जीवन भी सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ता है.

उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा कि मेडिटेशन के माध्यम से इस समस्या से काफी हद तक बचा जा सकता है.

250 बंदियों ने ली नशा न करने की शपथ

कार्यक्रम के अंत में करीब 250 बंदी भाई-बहनों ने नशा नहीं करने और सकारात्मक जीवन अपनाने की शपथ ली.

कार्यक्रम का संचालन उपाधीक्षिका पूनम ने किया. इस अवसर पर साधना बहन, मानवी बहन और वासुदेव भाई सहित ब्रह्माकुमारी संस्था के कई सदस्य भी उपस्थित रहे.

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