Darbhanga News: साहित्य एवं संस्कृति से विमुख हो रही आज की युवा पीढ़ी

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 01 Sep 2024 10:50 PM

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लनामिवि के संकायाध्यक्ष सह समिति के अध्यक्ष प्रो. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य और संस्कृति से विमुख हो रही है.

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दरभंगा. प्रेमचंद जयंती समारोह समिति, दरभंगा के तत्वावधान में एमएलएसएम कॉलेज में आयोजित बौद्धिक प्रतियोगिता में लनामिवि के संकायाध्यक्ष सह समिति के अध्यक्ष प्रो. चंद्रभानु प्रसाद सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी साहित्य और संस्कृति से विमुख हो रही है. पश्चिम और बाजारवाद के दुष्प्रभाव से वह अपसंस्कृति का शिकार होती जा रही है. सामाजिक और पारिवारिक रिश्ते बेमानी सिद्ध हो रहे हैं. समाज में नैतिक मूल्यों का लगातार क्षरण होता जा रहा है. यह एक गहरे सांस्कृतिक संकट का परिचायक है.

सामाजिक चेतना जगाने को सांस्कृतिक एवं साहित्यिक प्रतिस्पर्धा जरूरी- प्रो. कुमर

प्रेमचंद जयंती समारोह समिति के संरक्षक प्रो. धर्मेंद्र कुमर ने कहा कि पिछले 23 वर्षों से छात्रों और युवाओं में स्वस्थ साहित्य और संस्कृति के प्रति अभिरुचि उत्पन्न करने के लिए यह आयोजन होता आ रहा है. कहा कि बच्चों में सामाजिक चेतना के विकास के लिए सांस्कृतिक, साहित्यिक और बौद्धिक प्रतिस्पर्धा जरूरी है.

प्रतियोगिताओं में शिशु वर्ग से लेकर पीजी स्तर तक के छात्र-छात्राओं ने लिया भाग

विभिन्न विधा की प्रतियोगिता में शिशु वर्ग से लेकर पीजी स्तर तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लिये. निबंध, क्विज, चित्रकला, गणित, अभिभाषण, गीत एवं काव्यपाठ आयोजित की गयी. प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं की बेहतर भागीदारी रही. निबंध प्रतियोगिता सुबह आठ बजे से आरंभ होकर दोपहर तीन बजे चली. प्रतियोगिता का समापन काव्यपाठ एवं अभिभाषण से हुआ. प्रतियोगिता के सफल आयोजन को लेकर उपाध्यक्ष डॉ उमेश कुमार उत्पल, हीरालाल सहनी, डॉ अमरकांत कुमर, सचिव डॉ लाल कुमार, संयुक्त सचिव मुजाहिद आजम, अविनाश कुमार झा, डॉ जमील हसन अंसारी, डॉ धर्मेन्द्र दास, दुर्गानंद ठाकुर, श्रवण कुमार, नील कमल चौधरी, मनोज कुमार, सूरज कुमार, अनुपम कुमारी, शिवानी, कृति, अविनाश कुमार, संजना झा, अदिति कुमारी, सोनू कुमार सिंह और संदीप कुमार आदि सक्रिय रहे.

इन लोगों ने निभायी निर्णायक की भूमिका

विभिन्न विधाओं के निर्णायक मंडल में मुख्य रूप से डॉ ममता रानी ठाकुर, डॉ चंद्रनाथ मिश्र, डॉ ज्वाला चंद्र चौधरी, डॉ शशि भूषण शशि, अनुपम मिश्रा, विक्रांत कुमार, विजय कुमार साह, चंद्रमोहन, सुधांशु कुमार, डॉ उमेश कुमार शर्मा, संजय कुमार, डॉ संजय कुमार सहनी, डॉ शैलेश कुमार सिंह, डॉ अभिमन्यु कुमार, डॉ सुधांशु कुमार झा, डॉ जितेंद्र गुप्ता, डॉ जय शंकर सिंह, डॉ बबीता कुमारी शामिल थे. लक्की कुमारी, रीना भूषण शशि, डॉ नेहा कुमारी, स्नेहा मिश्रा, अशोक कुमार, डॉ नियति कुमारी, डॉ शंभू पासवान, द्रौपदी सिंह, राजन कार्तिक, डॉ रोहिणी कुमारी, डॉ प्रियंका कुमारी, डॉ बेबी कुमारी, डॉ संगीता कुमारी, डॉ कुमार अनुराग, डॉ अजय कुमार, डॉ शिखा, सियाराम मुखिया, डॉ अनुज कुमार, डॉ चंद्रवीर पासवान आदि ने बतौर निर्णायक अपनी भूमिका अदा की.

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