श्रीसीताराम विवाहोत्सव का मटकोर पूजन संपन्न, भक्ति और लोकगीतों से गूंजा रामजानकी कुटीर

मटकोर देखने उमड़े श्रद्धालु | Prabhat Khabar Network
कमतौल के रामजानकी कुटीर परिसर में श्रीसीताराम विवाहोत्सव के अंतर्गत मटकोर पूजन का आयोजन हुआ. वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक लोकगीतों के साथ श्रद्धालुओं ने इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया. आज विवाहोत्सव का मुख्य आयोजन होगा.
Kamtaul News: कमतौल स्थित रामजानकी कुटीर परिसर शनिवार की शाम श्रीसीताराम विवाहोत्सव के अंतर्गत मटकोर पूजन के साथ भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया. नौ दिवसीय श्री 108 सीताराम नाम धुन नवाह महायज्ञ के क्रम में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निभाई गई मटकोर की रस्म
शाम ढलते ही रामजानकी कुटीर परिसर दीपों और रंग-बिरंगी झालरों से जगमगा उठा. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमान एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने विधि-विधान से मिट्टी खोदकर मटकोर की रस्म पूरी की. इसके साथ ही श्रीसीताराम विवाहोत्सव का विधिवत शुभारंभ हुआ.
भजन-कीर्तन और लोकगीतों से भक्तिमय हुआ माहौल
मटकोर पूजन के बाद भजन-कीर्तन का दौर शुरू हुआ. "कहवां के पीयर माटी कहां के कोदारि हे" और "जेहने किशोरी मोरी तेहने किशोर हे" जैसे पारंपरिक लोकगीतों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे. महिलाओं ने मटकोर गीत गाए, जबकि पुरुषों ने ढोल-मंजीरे के साथ राम नाम का संकीर्तन किया. पूरा परिसर भक्ति और उल्लास से सराबोर रहा.
सनातन संस्कृति का प्रतीक है सीताराम विवाह : महंत
बिहार कुंज आश्रम, जनकपुर धाम के महंत बाबा मोहन दासजी महाराज ने कहा कि मटकोर पूजन सृष्टि और सृजन का प्रतीक माना जाता है. उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम और माता सीता का विवाह सनातन संस्कृति का आदर्श है तथा इस आयोजन में सहभागी बनने से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है.
आज होगा श्रीसीताराम विवाहोत्सव
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि 15 जुलाई से चल रहे रामधुन कार्यक्रम में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. शनिवार को भी मटकोर पूजन में भारी भीड़ उमड़ी, जिसके मद्देनजर सुरक्षा एवं प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई थी.
उन्होंने बताया कि रविवार को श्रीसीताराम विवाहोत्सव का आयोजन होगा. इसमें बारात, पाणिग्रहण एवं कन्यादान की रस्में संपन्न कराई जाएंगी. समिति ने श्रद्धालुओं से परिवार सहित पहुंचकर धार्मिक आयोजन में भाग लेने की अपील की है.
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