उपस्वास्थ्य केंद्र में दो माह से खराब पड़ा है जेनरेटर, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें

Author Ashok kumar jha|Edited by Sumit Kumar
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शीशो पश्चमी स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र भवन पर जर्जल अवस्था में बंद पडा जेनरेटर | Prabhat Khabar Network

दरभंगा के शीशो पश्चिमी उपस्वास्थ्य केंद्र में लगा जनरेटर दो माह से खराब पड़ा है, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पा रही है. ग्रामीणों ने भुगतान के बाद भी जनरेटर चालू न होने पर विभाग की उदासीनता पर सवाल उठाए हैं.

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Health Department News: मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए दरभंगा जिला के शीशो पश्चिमी स्थित उपस्वास्थ्य केंद्र में लगाया गया जेनरेटर विभागीय उदासीनता का शिकार है. जेनरेटर पिछले करीब दो माह से बंद पड़ा है. मशीन भवन की छत पर जर्जर हालत में पड़ी है, लेकिन इसे चालू कराने की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. बिजली गुल होने की स्थिति में मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है. स्वास्थ्य केंद्र में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए लगाया गया जेनरेटर ही जब काम नहीं कर रहा है, तो इसकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है.

Sadar News: शुरुआत में दो-तीन दिन चला, फिर हो गया बंद

उपस्वास्थ्य केंद्र पर तैनात डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जेनरेटर लगाए जाने के बाद शुरुआत में दो-तीन दिन तक चला था. इसके बाद से ही बंद पड़ा है. लंबे समय से बंद रहने के कारण मशीन की स्थिति भी खराब होती जा रही है. ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों का इलाज होता है. ऐसे में बिजली की समुचित व्यवस्था बेहद जरूरी है. जेनरेटर के चालू नहीं रहने से मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

भुगतान को लेकर भी ग्रामीणों ने उठाए सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जेनरेटर लगाने के बाद इसके भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी कर दी गयी है, जबकि मशीन का उपयोग ही नहीं हो रहा है. हालांकि, पीएचसी प्रभारी डॉ. रीना कुमार ने बताया कि उन्होंने कुछ दिन पहले ही कार्यभार संभाला है. उनके आने के बाद से संबंधित कांट्रैक्टर का भुगतान नहीं हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को पूरे मामले की जांच कर जेनरेटर को अविलंब चालू कराना चाहिए. लंबे समय से मशीन को छत पर छोड़ दिए जाने से उसके जर्जर होने का खतरा भी बढ़ गया है.

ग्रामीणों का कहना है कि यदि जेनरेटर चालू हालत में रहता तो मरीजों को बिजली की सुविधा मिलती. वहीं, खुले में मशीन पड़े रहने से भवन को नुकसान के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता है. ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से मामले में पहल कर जेनरेटर को जल्द चालू कराने की मांग की है.


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