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Darbhanga News: पटोरी हत्याकांड मामले में दो भाई सहित पांच लोग दोषी करार

Updated at : 05 Jan 2026 10:31 PM (IST)
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Darbhanga News: पटोरी हत्याकांड मामले में दो भाई सहित पांच लोग दोषी करार

Darbhanga News:अदालत ने कुल पांच आरोपियों को हत्या मामले में दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है.

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Darbhanga News: दरभंगा. 31 वर्ष पूर्व हनुमाननगर प्रखंड के पटोरी- बसंत में हुए हत्या मामले में अलग- अलग चल रहे दो सत्रवाद में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाया. अदालत ने कुल पांच आरोपियों को हत्या मामले में दोषी पाते हुए न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है. सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 31 जनवरी की तिथि निर्धारित की गयी है. अदालत ने दोषी कौशर इमाम हाशमी, अम्बर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोइन हाशमी और अंजार हाशमी को भादवि की धारा 302, 307 एवं 149 तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया है.

08 अगस्त 1994 को विशनपुर थाना में दर्ज हुआ था मुकदमा

लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि 08 अगस्त 1994 को दर्ज विशनपुर थाना कांड संख्या- 58/1994 से बने दो सत्रवाद संख्या- 326/1999 एवं 320/2010 में अदालत ने आज अपना निर्णय सुनाया. अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक रेणु झा एवं अधिवक्ता चंद्रकांत सिंह ने पक्ष रखा. रेणु झा ने बताया कि सत्रवाद संख्या 326/2099 में अभियोजन की ओर से 16 साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किये गये. वहीं वचाव पक्ष की ओर से 23 साक्षियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. सत्रवाद संख्या 320/2010 में अभियोजन की ओर से 16 साक्ष्य न्यायालय में प्रस्तुत किये गये जबकि बचाव पक्ष की ओर से 19 साक्षियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया. अदालत ने सुनवाई के पश्चात सत्रवाद संख्या- 326/1999 के आरोपित अम्बर इमाम हाशमी, राजा हाशमी, मोइन हाशमी और अंजार हाशमी तथा सत्र वाद संख्या- 320/2010 में आरोपित कौशर इमाम हाशमी को भादवि की धारा 302, 307 एवं 149 तथा 27 आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाते हुए बंध पत्र खंडित कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया.

पलटा मुकदमा में सभी सात आराेपित साक्ष्य के अभाव में रिहा

रेणु झा ने बताया कि इसी मामले के पलटा मुकदमा विशनपुर थाना कांड संख्या-57/1994 से बने सत्र वाद संख्या 395/1998 के आरोपित नवीन कुमार चौधरी सहित सभी सात आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया है. विदित हो कि पटना उच्च न्यायालय ने 31 वर्ष पुराने इस हत्याकांड मामले में आरोपियों की उपस्थिति में मामले का समयबद्ध न्याय निर्णय का आदेश पूर्व में दिया था.

क्या है मामला

पटोरी-बसंत गांव में 08 अगस्त 1994 को कब्रिस्तान और रास्ते के विवाद को लेकर दो समुदाय के बीच विवाद हुआ था. विवाद में दर्जनों राउंड फायरिंग की गयी. इसमें पटोरी गांव के किसान रामकृपाल चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी. वहीं बंदूक से की गई फायरिंग में गोली लगने से आधा दर्जन लोग घायल हो गये थे. गोलीकांड में पटोरी गांव के मोहन चौधरी, रविन्दर चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी, रामपुकार चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे. मामले में अधिवक्ता कौशर इमाम हाशमी, अधिवक्ता अंबर इमाम हाशमी सहित अन्य लोग नामजद किये गये थे. दोनों आरोपित अधिवक्ता भाई के अलावे कुछ मुदालह को छोड़कर अधिकांश हत्यारोपियों की मृत्यु हो चुकी है. मामले को लेकर पीड़ित पक्ष के राम पुकार चौधरी के आवेदन पर विशनपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मामले से दो अलग- अलग सत्र वाद संख्या-326/1999 तथा 320/2010 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय सुमन कुमार दिवाकर की अदालत में चल रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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